Bank of India share price : मार्जिन में दबाव के चलते निवेशकों की मुनाफावसूली, 6% टूटा शेयर

Bank of India : 2 फरवरी को बैंक ऑफ इंडिया ने तीसरी तिमाही में शुद्ध मुनाफे में 62.4 फीसदी की सालाना बढ़त की जानकारी दी है। इस अवधि में बैंक को 1,895 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। इससे बैंक के एनआईआई में सुधार से मदद मिली है। तीसरी तिमाही में बैंक की ग्रॉस एनपीए 5.35 फीसदी रही जो एक साल पहले की समान अवधि में 7.66 फीसदी थी

अपडेटेड Feb 05, 2024 पर 3:05 PM
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ब्लूमबर्ग के मुताबिक स्टॉक पर नज़र रखने वाले तीन विश्लेषकों में से दो ने "buy" और एक ने "sell" कल दी है। मॉर्गन स्टेनली ने 125 रुपये के लक्ष्य मूल्य के साथ स्टॉक को बेचने की सलाह दी है
     
     
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    तीसरी तिमाही के मजबूत आंकड़ों के बावजूद 5 फरवरी को दोपहर के कारोबार में बैंक ऑफ इंडिया लगभग 7 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा था। अक्टूबर के बाद से आई 34 फीसदी की तेजी के बाद निवेशकों ने इस स्टॉक में मुनाफावसूली की है। दोपहर 02.40 बजे के आसपास नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ये स्टॉक 141.20 रुपये पर कारोबार कर रहा था। विश्लेषकों ने कहा कि बैंक ऑफ इंडिया में भारी गिरावट नतीजों के बाद मुनाफावसूली और बैंकिंग क्षेत्र के मार्जिन में लगातार बने दबाव के कारण हुई है।

    2 फरवरी को बैंक ऑफ इंडिया ने तीसरी तिमाही में शुद्ध मुनाफे में 62.4 फीसदी की सालाना बढ़त की जानकारी दी है। इस अवधि में बैंक को 1,895 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। इससे बैंक के एनआईआई में सुधार से मदद मिली है।

    तीसरी तिमाही में बैंक की ग्रॉस एनपीए 5.35 फीसदी रही जो एक साल पहले की समान अवधि में 7.66 फीसदी थी। वहीं नेट एनपीए 1.61 फीसदी से सुधरकर 1.41 फीसदी रहा है।


    15 जनवरी की रिपोर्ट में, आईसीआईसीआई डायरेक्ट के विश्लेषकों ने 165 रुपये के संशोधित लक्ष्य मूल्य के साथ स्टॉक पर "buy" काल दी थी। विश्लेषकों के मुताबिक, “कोरबार में लगातार हो रही ग्रेथ, स्थिर मार्जिन और क्रेडिट लागत में कमी के चलते बैंक रिटर्न ऑन इक्विटी (ROA) में सुधार आया है। बट्टे खाते में डाले गए एनपीए की सफाई से आगे चलकर बैंक की आय में और बढ़त देखने को मिल सकती है।''

    ब्लूमबर्ग के मुताबिक स्टॉक पर नज़र रखने वाले तीन विश्लेषकों में से दो ने "buy" और एक ने "sell" कल दी है। मॉर्गन स्टेनली ने 125 रुपये के लक्ष्य मूल्य के साथ स्टॉक को बेचने की सलाह दी है। पिछले 1 साल के दौरान बैंक निफ्टी में सिर्फ 11 फीसदी की बढ़त हुई है। वहीं, इस अवधि में ये स्टॉक 79 फीसदी से ज्यादा भागा है।

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    बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक रजनीश कर्नाटक ने सीएनबीसी-टीवी18 से हुई बातचीत के दौरान बताया कि बैंक का वार्षिक एनआईएम लगभग 2.95 फीसदी है और वे इसके बनाए रखने पर काम कर रहे हैं। CASA में सुधार के लिए भी प्रयास किये जा रहे हैं। बैंक के प्रबंधन ने कम मार्जिन के लिए कॉरपोरेट लोन को जिम्मेदार ठहराया है। तीसरी तिमाही में बैंक के स्लीपेज (नए एनपीए) 1,300 करोड़ रुपये रहे हैं। बैंक के मैनेजमेंट का कहना है कि ये अब तक का सबसे कम स्लिपेज है।

     

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