पिछले कुछ सेशन में स्टॉक मार्केट में बड़ी गिरावट आई है। इसे बुल मार्केट में करेक्शन माना जा सकता है। कुछ ट्रेडर्स बाय पोजिशन में लॉस होने से निराश थे। कुछ ट्रेडर्स ने खुशियां मनाई। इसकी वजह यह कि जिस करेक्शन का इंतजार था, वह आखिर आ गया। अब बड़ा सवाल यह है कि जब करेक्शन में हम सस्ते भाव पर खरीदारी (Bargain Hunting) के मौकों की बात करते हैं तो क्या इसका मतलब बॉटम प्राइस होता है? हम सभी जानते हैं कि कोई इनवेस्टर आज तक बॉटम तक नहीं पहुंच पाया है। कई बार बॉटम हंटिंग के चक्कर में हमें बड़े नुकसान का खतरा पैदा हो जाता है।
