Get App

Bargain Hunting के लिए ट्रेडिशनल हेज नहीं डायनेमिक हेज का करें इस्तेमाल

मार्केट में आई हालिया गिरावट से कुछ ट्रेडर्स बाय पोजिशन में लॉस होने से निराश थे। कुछ ट्रेडर्स ने खुशियां मनाई। इसकी वजह यह कि जिस करेक्शन का इंतजार था, वह आखिर आ गया। अब बड़ा सवाल यह है कि जब करेक्शन में हम सस्ते भाव पर खरीदारी (Bargain Hunting) के मौकों की बात करते हैं तो क्या इसका मतलब बॉटम प्राइस होता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 05, 2024 पर 8:42 PM
Bargain Hunting के लिए ट्रेडिशनल हेज नहीं डायनेमिक हेज का करें इस्तेमाल
कई बार बॉटम हंटिंग के चक्कर में हमें बड़े नुकसान का खतरा पैदा हो जाता है।

पिछले कुछ सेशन में स्टॉक मार्केट में बड़ी गिरावट आई है। इसे बुल मार्केट में करेक्शन माना जा सकता है। कुछ ट्रेडर्स बाय पोजिशन में लॉस होने से निराश थे। कुछ ट्रेडर्स ने खुशियां मनाई। इसकी वजह यह कि जिस करेक्शन का इंतजार था, वह आखिर आ गया। अब बड़ा सवाल यह है कि जब करेक्शन में हम सस्ते भाव पर खरीदारी (Bargain Hunting) के मौकों की बात करते हैं तो क्या इसका मतलब बॉटम प्राइस होता है? हम सभी जानते हैं कि कोई इनवेस्टर आज तक बॉटम तक नहीं पहुंच पाया है। कई बार बॉटम हंटिंग के चक्कर में हमें बड़े नुकसान का खतरा पैदा हो जाता है।

हम सभी हेजिंग के बारे में जानते हैं। इसका मतलब फ्यूचर में लोअर लेवल पर बाय पोजीशन से है, लेकिन साथ ही उसी एक्सपायरी (Same Expiry) के पुट ऑप्शन में बाय पोजीशन और एक स्ट्राइक प्राइस से है, जो करेंट मार्केट प्राइस के सबसे करीब होगा। इस तरह हमारे पास हर समय स्ट्राइक प्राइस पर सेल करने के लिए ऑप्शन होता है। इस स्ट्रेटेजी को लॉस स्ट्रेटेजी कहा जाता है।

यह जानते हुए बाय ट्रेड खरीदना कि लॉस एक निश्चित अमाउंट से ज्यादा नहीं होगा, बार्गेन हंट को आसान बना देता है। हालांकि, इसमें एक प्रॉब्लम है। वह है उतारचढ़ाव। चूंकि सही बॉटम को पकड़ना नामुमकिन है और गिरावट के बाद मुश्किल बढ़ेगी, जिससे दो खास प्रॉब्लम सामने आ सकती हैं।

1. हम खरीदते हैं और उसके बाद चढ़ने से पहले और गिरावट (Deeper Bottom) आ जाती है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें