Bear Market: निफ्टी ने तोड़ा 24000 का अहम सपोर्ट, क्या बेयर मार्केट की तरफ बढ़ रहा बाजार?

Bear Market: लगातार तीसरे दिन शेयर बाजार में भारी गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। Nifty के 24000 के नीचे फिसलने के बाद अब बाजार में बेयर मार्केट की आशंका पर चर्चा तेज हो गई है। एक्सपर्ट से जानिए अब क्या करें निवेशक।

अपडेटेड May 11, 2026 पर 7:48 PM
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रुचित जैन के मुताबिक अगर Nifty 24,300 के ऊपर टिकता है, तभी बाजार में मजबूत तेजी लौट सकती है।

Bear Market: शेयर बाजार में सोमवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन गिरावट देखने को मिली। इस गिरावट से निवेशकों की करीब 6 लाख करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू साफ हो गई। बाजार पर दबाव की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव रहा। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता नहीं हो पाने के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।

एनालिस्टों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और आयात कम करने वाली अपील ने भी बाजार में सतर्कता बढ़ाई है। निवेशकों को डर है कि अगर हालात और बिगड़े, तो इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था और बाजार दोनों पर पड़ सकता है।

3 दिन में Sensex करीब 1950 अंक टूटा


गुरुवार से अब तक के तीन कारोबारी सत्रों में Nifty 515 अंकों से ज्यादा यानी करीब 2 प्रतिशत गिर चुका है। वहीं Sensex में लगभग 1950 अंकों यानी 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई है।

सोमवार को Nifty 360.30 अंक यानी 1.49 प्रतिशत टूटकर 23,815.85 पर बंद हुआ। वहीं Sensex 1312.91 अंक यानी 1.7 प्रतिशत गिरकर 76,015.28 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान Sensex एक समय 1370.79 अंक तक लुढ़ककर 75,957.40 तक पहुंच गया था।

बेयर मार्केट की तरफ बढ़ रहा बाजार?

Motilal Oswal Financial Services के टेक्निकल एनालिस्ट रुचित जैन का कहना है कि Nifty का 24,000 के नीचे फिसलना बाजार के लिए चिंता बढ़ाने वाला संकेत है। इसकी बड़ी वजह पश्चिम एशिया का तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है।

हालांकि उनका मानना है कि फिलहाल यह पूरी तरह बेयर मार्केट जैसी स्थिति नहीं है। उनके मुताबिक अभी बाजार बड़े अपट्रेंड के बीच करेक्शन फेज में नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि Nifty अब 23,500 से 23,600 के मजबूत सपोर्ट जोन के करीब पहुंच रहा है, जहां दोबारा खरीदारी लौट सकती है। वहीं 24,300 के आसपास मौजूद 50 दिन की एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज बाजार के लिए बड़ी रुकावट बन सकती है।

रुचित जैन के मुताबिक अगर Nifty 24,300 के ऊपर टिकता है, तभी बाजार में मजबूत तेजी लौट सकती है। लेकिन अगर 23,500 का सपोर्ट टूटता है, तो आने वाले दिनों में उतार चढ़ाव और बढ़ सकता है।

पीएम मोदी की टिप्पणी से क्यों बढ़ी चिंता

Livelong Wealth के फाउंडर और रिसर्च एनालिस्ट हरिप्रसाद का कहना है कि बाजार में गिरावट की बड़ी वजह भू राजनीतिक तनाव और महंगाई बढ़ने का डर है। उन्होंने कहा कि 10 मई को प्रधानमंत्री मोदी के बयान के बाद बाजार ने इसे अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव के संकेत के तौर पर लिया। इससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।

Religare Broking के रिसर्च हेड अजीत मिश्रा का कहना है कि Nifty एक बार फिर अपने कंसोलिडेशन रेंज के निचले स्तर के करीब पहुंच गया है। उनके मुताबिक अगर Nifty 23,800 के नीचे मजबूती से टूटता है, तो अगला बड़ा गिरावट स्तर 23,500 हो सकता है। इसके बाद 23,150 के आसपास मजबूत सपोर्ट दिख सकता है। वहीं ऊपर की तरफ 24,100 और फिर 24,400 बड़ा रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन बचत और आयात कम करने वाली टिप्पणी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। इससे ग्रोथ धीमी पड़ने और बाहरी आर्थिक दबाव बढ़ने का डर बना है।

किन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई

बाजार में बिकवाली लगभग सभी सेक्टर्स में देखने को मिली। सबसे ज्यादा दबाव रियल्टी, एनर्जी और ऑटो शेयरों पर रहा। हालांकि फार्मा और FMCG जैसे डिफेंसिव सेक्टर्स में अपेक्षाकृत मजबूती देखने को मिली।

ब्रॉडर मार्केट भी दबाव में रहा। Midcap और Smallcap इंडेक्स 1 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए, जो निवेशकों की कमजोर होती भावना का संकेत माना जा रहा है।

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