जाने-माने अमेरिकी निवेशक वॉरन बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे के वाइस चेयरमैन अजीत जैन ने कंपनी की अपनी आधी से भी ज्यादा हिस्सेदारी बेच दी है। वॉरेन बफे के इस टॉप एग्जिक्यूटिव को इस स्टेक सेल से 13.9 करोड़ डॉलर मिले हैं। कंपनी ने 9 सितंबर को एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी दी थी। एक्सचेंज फाइलिंग में बताया गया है कि जैन ने औसतन 6,95,418 डॉलर प्रति शेयर के हिसाब से क्लास ए के अपने 200 शेयरों की बिक्री की। इस बिक्री से कुछ ही दिन पहले बर्कशायर हैथवे का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये डॉलर के पार पहुंचा था।
शेयरों की यह बिक्री बर्कशायर में जैन की कुल हिस्सेदारी का 54 पर्सेंट है। शेयरों की बिक्री के बाद बर्कशायर में अजीत जैन के पास अब सिर्फ 61 शेयर बचे हैं। इसके अलावा, अजीत जैन और उनकी पत्नी इंद्रिमा जैन के फैमिली ट्रस्ट के पास 55 शेयर हैं, जबकि नॉन-प्रॉफिट कॉरपोरेशन जैन फाउंडेशन इंक के पास 50 शेयर हैं।
सीएनबीसी इंटरनेशनल (CNBC International) ने इस सिलसिले में यूनिवर्सिटी ऑफ मेरीलैंड के रॉर्बर्ट एच. स्मिथ स्कूल ऑफ बिजनेस में फाइनेंस के प्रोफेसर डेविड कैस से बात की। उनका कहना था, ' यह इस बात का संकेत है कि अजीत के मुताबिक बर्कशायर के शेयर पर्याप्त वैल्यूएशन पर पहुंच चुके हैं।'
अजीत जैन की उम्र 72 साल है और वह बर्कशायर हैथवे में इंश्योरेंस ऑपरेशंस की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। खबरों के मुताबिक, वह कंपनी में टॉप जॉब के लिए भी रेस में थे, जो पिछले साल ग्रेग एबल को मिली।