अगर हम हाल में बाजार में आए उछाल के बाद के एक्शन पर नजर डालें तो इससे संकेत मिलता है कि निफ्टी के लिए 17800 –18000 की तरफ जाने का रास्ता खुल गया है। हालांकि अगर निफ्टी 17000 के नीचे फिसलता है तो फिर ये गिरावट 16500 तक जा सकती है। ऐसे में हमें बाजार में सतर्क नजरिया अपनाए रखना चाहिए। ये बातें मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में डिफाइनेज सिक्योरिटीज (Definedge Securities) के संस्थापक और सीईओ प्रशांत शाह (Prashant Shah)ने कही हैं। उन्होंने इस बात चीत में आगे कहा कि इस समय निफ्टी तमाम मानकों पर 17000 पर मजबूत बेस बना चुका है। यहां से निफ्टी में कंसोलीडेशन देखने को मिल सकता है।
हेल्थकेयर, फार्मा, डिफेंस और बैंकिंग में निवेश के अच्छे मौके
ट्रेडिंग और निवेश पर चार किताबों के लेखक प्रशांत शाह का मानना है कि इस समय बाजार में हेल्थकेयर, फार्मा, डिफेंस और बैंकिंग में निवेश के अच्छे मौके दिख रहे हैं। उन्होंने कहा ''इन सेक्टर के कुछ शेयर अच्छे दिख रहे हैं। ये बेंचमार्क इंडेक्सों से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और मजबूत रुख दिखा रहे हैं।'' उन्होंने आगे कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले सेक्टरों में लीडर स्टॉक्स को खोजना एक अच्छी रणनीति है। यह रणनीति निफ्टी के बियरिश मोड में नहीं होने पर अनुकूल रिस्क रिवॉर्ड रेशियो प्रदान करती है।
बैंक निफ्टी में शॉर्ट टर्म में कंसोलीडेशन मुमकिन
बैंकिंग सेक्टर पर बात करते हुए प्रशांत शाह ने कहा कि प्राइस मूवमेंट के नजरिए से देखें तो Bank Nifty कमोबेस Nifty50 की ही चाल चल रहा है। दोनों में 10-12 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वास्तव में शॉर्ट टर्म में बैंक निफ्टी ने बाजार को आउटपरफार्म किया है। ये दिलचस्प बात है कि P&F चार्ट पर बैंक निफ्टी से सभी स्टॉक बुलिश कॉलम में हैं। वहीं निफ्टी के लगभग आधे स्टॉक ही बुलिश स्विंग्स में हैं। ये इस बात का संकेत है कि बैंक निफ्टी के ज्यादा स्टॉक बुलिश हो गए हैं। हालांकि ऊपरी स्तरों पर निफ्टी के लिए भारी रजिस्टेंस दिख रहा है। ऐसे में बैंक निफ्टी में हमें शॉर्ट टर्म कंसोलीडेशन भी देखने को मिल सकता है।
क्या आपको लगता है कि आईटी सेक्टर के बुरे दिन बीत चुके हैं?
इस सवाल पर प्रशांत ने कहा कि अभी तक इस बात का कोई अहम प्रमाण नहीं है कि सबसे बुरा समय बीत चुका है। सिवाय इसके कि आईटी शेयर कुछ सपोर्ट स्तरों पर कारोबार कर रहे हैं। यह केवल एक उम्मीद है, अभी तक इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। आईटी इंडेक्स के कई शेयरों में अभी भी मंदी कायम है।
अदाणी समूह के शेयरों में क्या रणनीति होनी चाहिए?
इस सवाल के जवाब में प्रशांत ने कहा कि अडानी ग्रुप के स्टॉक हाई वोलैटिलिटी वाले स्टॉक हैं। इनमें दोनों तरफ बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। ऐसे ट्रेडर्स जो एक ऑब्जेक्टिव रणनीति का पालन करते हैं, उनके पास स्टॉक में एंट्री और एक्जिट लेने की एक सिस्टेमेटिक रणनीति होती है। इसके अलावा ऐसे ट्रेडर जोखिम से निपटने का उपाय भी करके रखते हैं। इस तरह के ट्रेडरों को अदाणी समूह के उन शेयरों पर नजर रखनी चाहिए जो एक्शन और खबरों में हैं। ऐसे मामलों में आम तौर पर एक अच्छा रिस्क रिवॉर्ड रेशियो होता है। ये ट्रेडर इसका फायदा उठा सकते हैं। लेकिन ऐसे नौसिखिया ट्रेडरों को इन स्टॉक्स से दूर रहने की सलाह होगी जो सिर्फ खबरों और अपने जजमेंट के आधार पर ट्रेडिंग करते हैं।
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