Get App

भारती एयरटेल का शेयर बन सकता है पैसा छापने की मशीन? जानिए टेलीकॉम को क्यों कहा जा रहा नए जमाने का पेट्रोल

टेलीकॉम कंपनियों के टैरिफ में इजाफा पर ग्राहकों का जिस तरह का रिस्पॉन्स देखने को मिला है, उससे ऐसा लगता है कि यूजर्स अब मोबाइल रिचार्ज को पेट्रोल की कीमतों की तरह देखने लगे हैं। मोबाइल रिचार्ज कराए बगैर उनका काम नहीं चलने वाला

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड May 26, 2025 पर 6:25 PM
भारती एयरटेल का शेयर बन सकता है पैसा छापने की मशीन? जानिए टेलीकॉम को क्यों कहा जा रहा नए जमाने का पेट्रोल
भारती एयरटेल के शेयर 26 मई को 0.81 फीसदी चढ़कर 1,846 रुपये पर बंद हुए। बीते एक साल में यह स्टॉक 33 फीसदी से ज्यादा उछला है।

Bharti Airtel Stocks: टेलीकॉम पेट्रोल की तरह है। अगर आपको भी ऐसा लगता है कि आप इस पर दांव लगा सकते हैं। बीएनपी पारिबा के इंडिया इक्विटी के रिसर्च हेड कुणाल वोरा ने यह बात कही है। उन्होंने भारती एयरटेल के रिटर्न का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि टेलीकॉम कंपनियों के टैरिफ में इजाफा पर ग्राहकों का जिस तरह का रिस्पॉन्स देखने को मिला है, उससे ऐसा लगता है कि यूजर्स अब मोबाइल रिचार्ज को पेट्रोल की कीमतों की तरह देखने लगे हैं। इसका मतलब है कि मोबाइल रिचार्ज ऐसा खर्च बन चुका है, जिसे टाला नहीं जा सकता भले ही इसकी कीमतें बढ़ जाए।

अब टैरिफ में इजाफा कंपनियों के लिए मुश्किल नहीं

इससे यह साफ हो गया है कि टेलीकॉम कंपनियां अपनी कॉस्ट के हिसाब से टैरिफ बढ़ा सकती हैं। इससे कंपनियों का रेवेन्यू बढ़ेगा। वोरा ने कहा कि इंडिया में टेलीकॉम इंडस्ट्री की जो तस्वीर दिख रही है, उसमें Bharti Airtel में निवेश करना फायदे का सौदा लगता है। उन्होंने कहा, "टेलीकॉम अब ऐसा सेक्टर बन गया है, जिसमें स्थितियां कुछ साल पहले के मुकाबले काफी अलग हैं। एक समय इस इंडस्ट्री में 1- प्लेयर्स थे। उनके बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा थी।" आज इस सेक्टर में सिर्फ दो बड़ी कंपनियां रह गई हैं। वोडाफोन आइडिया की स्थिति अच्छी नहीं है।

नए प्लेयर की इंडस्ट्री में एंट्री अब आसान नहीं

सब समाचार

+ और भी पढ़ें