कूरियर सर्विस देने वाली कंपनी ब्लू डार्ट एक्सप्रेस के पेरेंट ग्रुप में साइबर सिक्योरिटी में सेंध लगी है। हालांकि यह एक कम गंभीरता वाली घटना है। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि इस घटना में कोई भी संवेदनशील डेटा लीक नहीं हुआ है और न ही किसी ग्राहक के या बिजनेस के डेटा पर कोई असर पड़ा है। कंपनी ने कहा कि इस जोखिम को 'लो' श्रेणी में रखा गया है। यह मुख्य रूप से फिशिंग और पहचान की चोरी (Impersonation) से जुड़े मामलों से संबंधित है।
Blue Dart Express ने बताया कि नियमों के अनुसार, इस घटना के बारे में CERT-In के अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। जोखिम को कम करने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं, और इस घटना का आकलन करके इसे पूरी तरह से नियंत्रित कर लिया गया है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना के कारण उसके बिजनेस ऑपरेशंस या संवेदनशील डेटा पर कोई बड़ा वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ा है।
Blue Dart Express शेयर एक सप्ताह में 6 प्रतिशत मजबूत
वैसे तो कंपनी ने इस घटना को कम गंभीरता वाला बताया है लेकिन हो सकता है कि सोमवार, 13 अप्रैल को शेयर की चाल पर इसका असर गिरावट के तौर पर दिखे। ब्लू डार्ट एक्सप्रेस के शेयर की कीमत शुक्रवार, 10 अप्रैल को BSE पर 5174.65 रुपये पर बंद हुई। कंपनी का मार्केट कैप 12200 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर एक सप्ताह में 6 प्रतिशत चढ़ा है। एक साल में 15 प्रतिशत नीचे आया है। शेयर का बीएसई पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 7,222.35 रुपये और एडजस्टेड लो 4,695 रुपये है।
अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 15.7 प्रतिशत कम होकर 68.3 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले मुनाफा 81 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू 6.9 प्रतिशत बढ़कर 1616 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 17 प्रतिशत बढ़कर 281 करोड़ रुपये और मार्जिन बढ़कर 17.4 प्रतिशत हो गया।
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