बहुत ‘मंगलमय’ नहीं होगा नववर्ष? 2022 में 20% टूट सकता है निफ्टी
ऐतिहासिक व्यवहार के आधार पर देखें तो निफ्टी का सुस्त प्रदर्शन रहना चाहिए और 2022 में कई तिमाही तक कमजोरी और कंसॉलिडेशन के प्रॉसेस के साथ लगभग 20 फीसदी की बड़ी गिरावट आ सकती है
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 2022 में स्टॉक मार्केट में खासा उतार-चढ़ाव दिख सकता है
नया साल यानी वर्ष 2022 की शुरुआत के साथ इनवेस्टर्स इक्विटी मार्केट्स का भविष्य जानने के लिए उत्सुक हैं। यह उत्सुकता इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि बीते दो साल में बाजार का प्रदर्शन शानदार रहा है। लेकिन इन दो साल में कारगर रहे फैक्टर दुनिया भर में अनुकूल बने नहीं रह सकते।
मुख्य रूप से मार्च, 2020 के निचले स्तरों से आई रैली की मुख्य वजह ग्लोबल सेंट्रल बैंकों द्वार कम इंटरेस्ट रेट्स के साथ दिए गए राहत पैकेज रहे। इससे मिली लिक्विडीट से फाइनेंशियल मार्केट सो न सिर्फ कोविड के चलते हो रही बिकवाली से राहत मिली, बल्कि सभी असेट क्लास की वैल्युएशन खासी बढ़ गई।
20 महीने के पॉलिसी सपोर्ट के बाद, सेंट्रल बैंकर अब उस मुकाम पर पहुंच गए हैं, जहां वे कुछ सपोर्ट वापस लेने के लिए मजबूर होंगे। नए साल में, वे फैक्टर्स अनुकूल नहीं हैं जो 2020 में मार्केट रैली की वजह बने थे।
2022 में इनफ्लेशन और रेट हाइक जैसे फैक्टर होंगे अहम
2022 में इनफ्लेशन और रेट हाइक जैसे फैक्टर उतार-चढ़ाव की मुख्य वजह होंगे। दुनिया भर में कीमतें बढ़ने के साथ सेंट्रल बैंक इंटरेस्ट रेट्स बढ़ाने के लिए तैयार हैं। सेंट्रल बैंकरों के लिए यह जरूरी है कि रेट हाइक के साइकिल को जल्दी शुरू करें।
संभवतः इसी सोच के साथ बैंक ऑफ इंग्लैंड ने ओमीक्रोन वैरिएंट के फैलने से जुड़ी चिंताओं के बावजूद दिसंबर के मध्य में इंटरेस्ट रेट्स 15 बेसिस प्वाइंट बढ़ाते हुए 0.25 फीसदी कर दीं। मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी के नौ सदस्यों में से सिर्फ एक ने इस बढ़ोतरी के खिलाफ वोट किया था। अगर इनफ्लेशन जारी रहती है तो 2022 में फेडरल रिजर्व कई बार रेट बढ़ा सकता है।\
18 महीने की रैली के साथ दीर्घ कालिक ट्रेंड अच्छा और मजबूत दिखता है। इस अवधि के दौरान, मार्च 2020 के निचले स्तर से इंडेक्स 150 फीसदी की मजबूती के साथ 18.604 तक पहुंच चुका है।
निफ्टी डाटा के ऐतिहासिक विश्लेषण से पता चलता है कि इंडेक्स में लगातार तेजी कोई पहली बार नहीं दिखी है। 2007 के ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के बाद निफ्टी लगातार आठ तिमाहियों तक चढ़ा और 2008 में 181 फीसदी की मजबूती के साथ 2,252 से 6,338 के स्तर पर पहुंच गया।
ऐसी ही तेजी 2013 और 2015 के बीच छह तिमाहियों के दौरान दिखी, जबक इंडेक्स 78 फीसदी मजबूत होकर 9,118 तक पहुंच गया।
इन दोनों अवसरों पर, लगातार तेजी जारी रही थी और फिर कई तिमाही की गिरावट और कंसॉलिडेशन के प्रॉसेस के बाद 2010 में शीर्ष से 29 फीसदी और 2015 में शीर्ष से 25 फीसदी नीचे आ गया था।
ऐतिहासिक व्यवहार के आधार पर देखें तो निफ्टी का सुस्त प्रदर्शन रहना चाहिए और हम इस बात पर सरप्राइज नहीं होंगे यदि 2022 में लगभग 20 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ कई तिमाही तक कमजोरी और कंसॉलिडेशन का प्रॉसेस जारी रहता है। इस ऐतिहासिक मूल्य व्यवहार के साथ हमें अपना दृष्टिकोण को और पुष्ट करने के लिए दीर्घकालिक चार्ट पर भारी बिक्री के संकेत हैं।
दीर्घकालिक चार्ट्स पर हमारे इलियट वेव काउंट्स के आधार पर, हमारी राय है कि 18,604 के हाल के हाई से नीचे आने के साथ निफ्टी में कई तिमाही की गिरावट की शुरुआत हो चुकी है और सबसे खराब स्थिति में इसका टारगेट लगभग 15,000 (+/- 500 निफ्टी अंक) का है।
हालांकि, हमारे दीर्घकालिक इलियट वेव चार्ट्स पर एक वैकल्पिक काउंट एक बड़ी गिरावट से पहले इसके 2022 में एक नए हाई की ओर जाने का संकेत कर रहा है।
यह यह गणना बनी रहती है और अगले तीन से छह महीने में सामने आती है तो निफ्टी 19,500 और 21,411 के बीच नया टॉप देख सकता है, जिससे फिर से 20 कई तिमाही तक कमजोरी के साथ 20 फीसदी गिरावट का रास्ता साफ होता है।
इस पर ओमीक्रोन संकट का असर दिख सकता है। कुछ महामारी विशेषज्ञों की राय है कि अपने लाइफसाइकिल के अंत में वायरस कम गंभीरता के साथ म्यूटेट होगा और इसी तरह से 1895 में स्पेनिश फ्लू समाप्त हुआ था।
तेजी से फैलने के बावजूद ओमीक्रोन गंभीर बीमारी की वजह नहीं बन रहा है, इसलिए इससे हर्ड इम्युनिटी की स्थिति पैदा हो सकती है जिससे कोविड का अंत हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह वर्ल्ड इकोनॉमी के लिए अच्छा होगा और इससे फाइनेंशियल मार्केट्स में 2022 के लिए एक और बल्कि अंतिम आशावाद का दौर नजर आएगा।
मंजूर मोहम्मद Chartviewindia.in के फाउंडर और चीफ मार्केट स्ट्रैटजिस्ट हैं।
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