रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अगले पांच साल में EBITDA दोगुना करने का फैसला किया है। कंपनी ने 29 अगस्त को 47वीं एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) में इसका प्लान पेश किया। इस ऐलान से निवेशकों का भरोसा आरआईएल पर बढ़ा है। कंपनी 2030 तक EBITDA दोगुना करने के लिए ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस और डिजिटल और रिटेल बिजनेस का विस्तार करेगी। साथ ही न्यू एनर्जी बिजनेस पर फोकस बढ़ाएगी। कंपनी के कंज्यूमर आधारित बिजनेस की EBITDA ग्रोथ डबल डिजिट में रही है।
जियो और रिलायंस रिटेल की अच्छी ग्रोथ की उम्मीद
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, FY24 और FY26 के बीच RJio और Reliance Retail की EBITDA की CAGR क्रमश: 25 फीसदी और 19 फीसदी रहने का अनुमान है। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, "रिटेल सेक्टर में नई कैटेगरी, सब्क्राइबर ग्रोथ पर फोकस और टेलीकॉम बिजनेस में टैरिफ में वृद्धि का इस ग्रोथ में बड़ा योगदान होगा।"
जियो के डेटा की कीमत ग्लोबल एवरेज की एक-चौथाई
ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के मुताबिक, Reliance Industries के एजीएम में Jio पर ज्यादा फोकस रहा। कंपनी ने एयरफाइबर पर फोकस और डेटा सेंटर्स में एंट्री का ऐलान किया। दुनिया में डेटा के कुल मार्केट में Jio की 8 फीसदी हिस्सेदारी है। जियो के डेटा की कीमत दुनिया में डेटा की औसत कीमता की एक-चौथाई है, जबकि विकसित देशों में कीमत के मुकाबले सिर्फ 10 फीसदी है। जियो के 13 करोड़ यूजर्स 5जी सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि 8,0000 रुपये से ज्यादा कीमत वाले स्मार्टफोन में 5जी सुविधा होने से यह संख्या और बढ़ेगी। अभी 2जी और 4जी सेवाओं का इस्तेमाल 20 करोड़ से ज्यादा लोग कर रहे हैं।
न्यू एनर्जी बिजनेस में 75000 करोड़ निवेश
एजीएम में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि अगले 5-7 साल में न्यू एनर्जी बिजनेस की प्रॉफिट कमाने की क्षमता O2C सेगमेंट जितनी हो जाएगी। अभी O2C बिजनेस रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रॉफिट के लिए सबसे बड़ा आधार है। EBITDA में इसकी हिस्सेदारी 40 फीसदी और प्रॉफिट ऑफ्टर टैक्स में 50 फीसदी से ज्यादा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज न्यू एनर्जी इकोनॉमी के लिए ईकोसिस्टम विकसित करने पर 75,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी। ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने कहा है कि कंपनी O2C और न्यू एनर्ज बिजनेस को प्राथमिकता दे रही है।
टारगेट प्राइस से कीमत में 15-20 फीसदी उछाल की संभावना
मोतीलाल ओसवाल ने कहा है, "O2C बिजनेस में हमें रिफाइनिंग और पेटकेम सेगमेंट्स के मौजूदा स्तर से बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा, FY25 में एमजी फील्ड में वॉल्यूम बढ़ने का पूरा फायदा मिलेगा।" एजीएम की कमेंट्री के मुताबिक, अगर प्लान पर काम ठीक तरह से आगे बढ़ता है और समय पर प्रोजेक्ट्स पूरे होते हैं तो रिलायंस इडस्ट्रीज के शेयरों में एमके ग्लोबल के 3,335 रुपये के टारगेट प्राइस में 15-20 फीसदी तेजी दिख सकती है।
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शेयरों की दोराबा रेटिंग का अनुमान
नुवामा ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों को खरीदने की अपनी सलाह बनाए रखी है। इसकी वजह यह है कि न्यू एनर्जी बिजनेस के रोलआउट से न सिर्फ प्रॉफिट 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ेगा बल्कि इसकी वैल्यूएशन की भी फिर से रेटिंग होगी। इसमें O2C बिजनेस भी शामिल होगा। कंपनी ने 2035 तक नेट-जीरो कार्बन का टारगेट तय किया है। नोमुरा ने यह भी कहा है कि RIL की EBITDA सीएजीआर को एफसीएफ जेनरेशन से बढ़ावा मिलेगा। साथ ही उस पर नेट डेट में कमी का भी असर पड़ेगा।
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