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IPO प्राइस से डबल हो सकता है इस ज्वैलरी कंपनी का शेयर: मोतीलाल ओसवाल

हाल में लिस्टेड कंपनी पीएन गाडगिल ज्वैलर्स के शेयरों में 9 दिसंबर को कारोबार के दौरान 5 पर्सेंट से भी ज्यादा की बढ़त देखने को मिली। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) ने इस स्टॉक की कवरेज शुरू की है और इसके लिए 'बाय' रेटिंग दी है। कंपनी के शेयरों के लिए टारगेट प्राइस 950 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। हालांकि, बाद में यह 1.22 पर्सेंट की गिरावट के साथ 759.85 रुपये पर बंद हुआ

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 09, 2024 पर 3:53 PM
IPO प्राइस से डबल हो सकता है इस ज्वैलरी कंपनी का शेयर: मोतीलाल ओसवाल
PN Gadgil Jewellers महाराष्ट्र की दूसरे सबसे बड़ी ज्वैलरी चेन है और फिलहाल इसके 48 से भी ज्यादा स्टोर हैं।

हाल में लिस्टेड कंपनी पीएन गाडगिल ज्वैलर्स ( P N Gadgil Jewellers) के शेयरों में 9 दिसंबर को कारोबार के दौरान 5 पर्सेंट से भी ज्यादा की बढ़त देखने को मिली। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) ने इस स्टॉक की कवरेज शुरू की है और इसके लिए 'बाय' रेटिंग दी है। कंपनी के शेयरों के लिए टारगेट प्राइस 950 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। हालांकि, बाद में यह 1.22 पर्सेंट की गिरावट के साथ 759.85 रुपये पर बंद हुआ।

मोतीलाल ओसवाल के प्राइस टारगेट का मतलब 6 दिसंबर के क्लोजिंग प्राइस के मुकाबले 24 पर्सेंट की बढ़ोतरी है। इसका यह भी मतलब है कि स्टॉक अपने आईपीओ की कीमत (480 रुपये प्रति शेयर) से दोगुना तक पहुंच सकता है। यह स्टॉक पहले ही तीन महीने के अंदर अपने IPO प्राइस से 72 पर्सेंट तक चढ़ चुका है।

पीएन गाडगिल महाराष्ट्र की दूसरे सबसे बड़ी ज्वैलरी चेन है और फिलहाल इसके 48 से भी ज्यादा स्टोर हैं। फिलहाल, यह कंपनी अपनी यूनिट के अर्थशास्त्र, प्रोडक्ट मिक्स और ऑर्डर ऑफरों पर फोकस कर रही है। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, कंपनी अगले 3 साल में 44 नए स्टोर खोल रही है और इस तरह वित्त वर्ष 2027 तक कंपनी स्टोर की कुल संख्या बढ़कर 80 हो जाएगी, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 36 है। कंपनी की योजना इस वित्त वर्ष में भी और 8 स्टोर खोलने की है।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि स्टोर की संख्या में बढ़ोतरी, गोल्ड हेजिंग पॉलिसी और ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार आने वाले समय में स्टॉक की फिर से रेटिंग में काफी अहम होंगे। गोल्ड की कीमतों में उतार-चढ़ाव, नए स्टोर्स की ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस, कॉम्पिटिशन में तेजी आदि फैक्टर कंपनी के लिए अहम जोखिम हो सकते हैं। आईपीओ के जरिये कंपनी की योजना 200 करोड़ रुपये से ऊपर के कर्ज का भुगतान करने की है।

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