Brokerage Radar: एक कारोबारी दिन पहले घरेलू मार्केट में काफी उठा-पटक रही और मार्केट रेड और ग्रीन जोन में भी झूला। हालांकि दिन के आखिरी में इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) जिस लेवल पर बंद हुए, वह अब तक का रिकॉर्ड हाई लेवल है। सेंसेक्स पहली बार 82 हजार के पार जाकर 82,134.61 बंद हुआ है। वहीं अगस्त के मंथली एक्सपायरी के दिन निफ्टी 25150 के पार 25,151.95 बंद हुआ। अब आज की बात करें तो वैश्विक मार्केट से मजबूत संकेतों के बीच घरेलू मार्केट में भी हरियाली के संकेत मिल रहे हैं। इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो रिलायंस इंडस्ट्रीज, लुपिन, भारती हेग्जाकॉम के साथ-साथ तेल और टेलीकॉम सेक्टर की कंपनियों से मुनाफा कमाया जा सकता है
नोमुरा ने खरीदारी की रेटिंग के साथ रिलायंस का टारगेट 3600 रुपये पर फिक्स किया है। रिलायंस ने 5-7 साल में दोगुना होने का लक्ष्य रखा है। जियो ब्रेन और जियो क्लाउड के लॉन्च होने से इसके कारोबार को सपोर्ट मिलेगा। ब्रोकरेज के मुताबिक इसके कारोबार की EBITDA तीन साल में सालाना 13 फीसदी की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ी और फिर अब इसे नेट डेट लेवल में गिरावट सपोर्ट मिलेगा और तेज फ्री कैश फ्लो जेनेरेशन से भी।
एक और ब्रोकरेज मैक्वायरी ने 2750 रुपये के टारगेट प्राइस पर रिलायंस को न्यूट्रल रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि नए एनर्जी डिवीजन से इसके कैश फ्लो को सपोर्ट मिलेगा क्योंकि यह साइक्लिकल कम है यानी कि लगभग पूरे साल यह कारोबार मंदा नहीं पड़ेगा। एआई, डिज्नी+ से भी इसके कारोबार को सपोर्ट मिलेगा। जियो और रिटेल कारोबार ने 3-4 साल में रेवेन्यू और EBITDA दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। जियो सिनेमा को डिज्नी+हॉटस्टार के विलय से सपोर्ट मिलेगा। इसके अलावा जियोमार्ट हाइपरलोकल डिलीवरी के 1300 स्मार्ट प्वाइंट्स से भी इसे मार्केट में बढ़त मिलेगी।
जेफरीज ने रिलायंस को 3500 रुपये के टारगेट प्राइस पर खरीदारी की रेटिंग दी है। रिलायंस के एजीएम में जियो, एयरफाबर और डेटा सेंटर सेगमेंट में एंट्री पर फोकस रहा। कंपनी को उम्मीद है कि रिटेल कारोबार का रेवेन्यू और EBITDA तीन से चार साल में डबल हो जाएगा जो जेफरीज के अनुमान से काफी पहले है।
नोमुरा ने लुपिन का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 2427 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि अहम देशों के बाजारों में इसके ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार होगा और पियर्स के मुकाबले यह प्रीमियम पर पहुंच सकता है। नियर टर्म में इसकी कमाई को अमेरिकी जेनेरिक्स से सपोर्ट मिलेगा। इसके अलावा कुछ कॉम्प्लेक्स इंजेक्टेबल फाइलिंग्स के अगले दो साल में कॉमर्शियल करने की तैयारी है यानी कि इनका मास प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2025 के EPS अनुमान में 28 फीसदी और वित्त वर्ष 2026 के अनुमान में 54 फीसदी की बढ़ोतरी की है।
OMCs (ऑयल मार्केट कंपनीज)
मॉर्गन स्टैनले OMCs पर ओवरवेट है। ब्रोकरेज ने इंडियन ऑयल का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 205 रुपये, भारत पेट्रोलियम का बढ़ाकर 410 रुपये और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का 506 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक जरूरत से अधिक सप्लाई करने वाले मार्केट प्वाइंट से अनुकूल परिस्थितियों से इसे सपोर्ट मिलेगा। इसके अलावा गैस चीन में डीजल के दबदबे को खा रही है जिससे इन्हें सपोर्ट मिलेगा। भारत की बात करें तो यह तेल की मांग बनी हुई है और फ्री कैश फ्लो भी सुधर रहा है।
बर्न्स्टीन ने भारती एयरटेल को आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस 1600 रुपये से बढ़ाकर 1740 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से कंसालिडेशन का फेज चल रहा है और इसके चलते टेलीकॉम मार्केट स्ट्रक्चर बेहतर हो गया है। जियो और भारती एयरटेल का मार्केट में दबदबा बढ़ना आगे भी जारी रहेगा। ब्रोकरेज का अनुमान है कि मार्केट में आगे और कंसालिडेशन हो सकता है। ब्रोकरेज के मुताबिक जियो 50 करोड़ सब्सक्राइबर्स तक पहुंचने के करीब है और 50 फीसदी मार्केट शेयर के भी।
सिटी ने 1405 रुपये के टारगेट प्राइस और खरीदारी की रेटिंग के साथ इसकी कवरेज शुरू की है। इसका बैलेंस शीट काफी हेल्दी है। ब्रोकरेज ने तीन साल में इसके EBITDA के सालाना 26 फीसदी की चक्रवृद्धि दर से बढ़ने का अनुमान लगाया है। ब्रोकरेज के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 तक इसका नेट डेट और EBITDA का रेश्या 0.3 गुने तक आ सकता है। इसे फ्री कैश फ्लो से सपोर्ट मिलेगा।
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