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BSE Share Price: SEBI के प्रस्ताव से खुश जेपीमॉर्गन, अपग्रेड हुई बीएसई की रेटिंग

BSE Share Price: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेपीमॉर्गन ने बीएसई की रेटिंग को अपग्रेड कर दिया है और इसका कनेक्शन सेबी का एक प्रस्ताव है जिसमें CAS से जुड़े नियमों में अहम बदलाव की बात है। जानिए जेपीमॉर्गन ने बीएसई के शेयरों का क्या टारगेट फिक्स किया है और रेटिंग अपग्रेड करने की वजह क्या है

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Sep 15, 2026 पर 12:43 PM
BSE Share Price: SEBI के प्रस्ताव से खुश जेपीमॉर्गन, अपग्रेड हुई बीएसई की रेटिंग
SEBI ने CAS में बदलाव का प्रस्ताव पेश किया है, उसमें डेरिवेटिव्स सेटलमेंट को सीएएस से अलग करने की बात है। इससे सीएसएस के शुरू होने के बाद से BSE पर जो दबाव बना है, वह हल्का हो सकता है।

BSE Share Price: बीएसई के शेयरों में आज उठा-पटक दिखी और यह ग्रीन से रेड जोन के बीच झूलता रहा। इसके शेयरों में यह रुझान ऐसे समय में आया, जब वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेपीमॉर्गन ने इसकी रेटिंग को अपग्रेड किया है लेकिन ब्रोकरेज फर्म ने टारगेट प्राइस में कटौती कर दी है। अभी इसके शेयरों के स्थिति की बात करें तो फिलहाल एनएसई पर यह 0.15% की बढ़त के साथ ₹3,389.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 2.03% उछलकर ₹3,452.70 तक चढ़ गया था लेकिन फिर इस लेवल से यह 2.79% फिसलकर रेड जोन में ₹3,356.40 तक आ गया था।

जेपीमॉर्गन ने इसकी रेटिंग को न्यूट्रल से अपग्रेड कर ओवरवेट की है लेकिन टारगेट प्राइस को ₹4,090 से घटाकर ₹3,950 कर दिया है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक इसे कवर करने वाले 12 एनालिस्ट्स में से 10 ने खरीदारी, 6 ने होल्ड और 3 ने सेल रेटिंग दी है।

BSE की रेटिंग क्यों अपग्रेड की JPMorgan ने

जेपीमॉर्गन का कहना है कि CAS के आने से बीएसई पर दबाव बना हुआ है लेकिन अब सेबी ने डेरिवेटिव सेटलमेंट को क्लियरिंग एंड सेटलमेंट (CAS) मैकेनिज्म से अलग करने का जो फैसला लिया है, उससे इसे राहत मिल सकती है। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि इससे सीएएस से जुड़ा दबाव कम होगा, और एक्सचेंज के शेयरों के वॉल्यूम में धीरे-धीरे सुधार हो सकता है।

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