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Budget 2026 Expectations: शिपिंग सेक्टर को बजट से इन ऐलानों की उम्मीद, एक्सपर्ट के रडार पर आए ये स्टॉक्स, आपके पास है कोई?

Budget 2026 Expectations: शिपिंग सेक्टर भारत के लिए काफी अहम है क्योंकि वॉल्यूम के आधार पर कुल बिजनेस का करीब 95% हिस्सा समुद्री रास्ते से होता है। ऐसे में मौजूदा जियो-पॉलिटिकल टेंशन और अमेरिकी टैरिफ की आंच के बीच इस सेक्टर को बजट से काफी उम्मीदे हैं। जानिए बजट से इसे किन राहतों की उम्मीदें हैं और किन स्टॉक्स पर फोकस रहेगा?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jan 27, 2026 पर 2:11 PM
Budget 2026 Expectations: शिपिंग सेक्टर को बजट से इन ऐलानों की उम्मीद, एक्सपर्ट के रडार पर आए ये स्टॉक्स, आपके पास है कोई?
Budget 2026 Expectations for Shipping Sector: भारत में पोर्ट हैंडलिंग कैपेसिटी बढ़कर सालाना 260 करोड़ टन से अधिक हो चुकी है। शिपिंग सेक्टर को बजट से काफी उम्मीदें हैं।

Budget 2026 Expectations for Shipping Sector: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) रिकॉर्ड लगातार नवें बार 1 फरवरी को बजट पेश करने वाली हैं। अगले वित्त वर्ष 2027 के इस बजट से शिपिंग सेक्टर को काफी उम्मीदें लगी हुई है क्योंकि यह ऐसे समय में आने वाला है, जब टैरिफ वार, जियोपॉलिटिल टेंशन और सप्लाई-चेन की दिक्कतों से दुनिया भर में सामानों की आवाजाही पर असर पड़ रहा है। भारत में कुल बिजनेस का वॉल्यूम के हिसाब से करीब 95% हिस्सा समुद्री रास्ते से होता है, जिसके चलते यह सेक्टर अब सिर्फ लॉजिस्टिक्स का साधन नहीं बल्कि रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में भी देखा जाने लगा है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार बजट में नीतियों को जारी रखने और इन पर प्रभावी तरीके से काम करने पर फोकस रह सकता है क्योंकि सरकार समुद्री क्षमता बढ़ाने, लॉजिस्टिक्स लागत घटाने और एक्सपोर्ट को लेकर कॉम्पटीशन बढ़ाने पर जोर दे रही है। प्रभुदास लीलाधर में इक्विटी रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट अमित अनवानी का कहना है कि अनुकूल बेस इफेक्ट के चलते इस साल शिपिंग सेक्टर को बेहतर आवंटन की उम्मीद है, जिसमें शिपिंग, पोर्ट्स और इनसे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर जारी रहेगा। इसके चलते मझगांव डॉक, SCI, कॉनकोर और अदाणी पोर्ट्स जैसे स्टॉक्स पर खास नजर रहेगी।

Budget 2026 Expectations for Shipping Sector: क्या हैं उम्मीदें?

पिछले साल के बजट में सागरमाला प्रोग्राम के तहत फंडिंग जारी रखी गई। साथ ही पोर्ट को मॉडर्न बनाने और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी; पोर्ट गवर्नेंस को मॉडर्न बनाने के लिए इंडियन पोर्ट्स बिल, 2025; और शिपबिल्डिंग, शिप की रिपेयरिंग और ग्रीन शिपिंग से जुड़े ऐलान हुए थे। अब इस बार बजट से उम्मीद की है कि पोर्ट और शिपबिल्डिंग के बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए लंबे समय के लिए स्थिर और सस्ती दरों पर फंडिंग को लेकर ऐलान हो सकता है। साथ ही शिपिंग इंडस्ट्री को फटाफट कस्टम्स क्लियरेंस, पोर्ट लॉजिस्टिक्स एफिसिएंसी में सुधार और बेहतर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की उम्मीदें हैं। साथ ही इंडस्ट्री का मानना है कि बजट में देश में शिपबिल्डिंग, रिपेयर फैसिलिटीज और वेसल्स बनाने को प्रोत्साहित करने के लिए बड़े ऐलान हो सकते हैं जिससे विदेशों पर निर्भरता कम होगी।

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