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Budget 2026 Stock Market Strategy: शेयर मार्केट को इन पांच ऐलानों का इंतजार, हुए तो Nifty सरपट भागेगा ऊपर

Budget 2026 Stock Market Strategy: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रिकॉर्ड लगातार नवें बार अगले वित्त वर्ष 2026 का बजट पेश करने वाली हैं। इस बजट पर स्टॉक मार्केट की निगाहें लगी हुई हैं जोकि अभी पिछले कुछ समय से कंसालिडेशन जोन में है। चेक करें खास पांच ऐलानों के बारे में, जो मार्केट में जोश भर सकते हैं और इनसे किन सेक्टर्स को फायदा मिल सकता है?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jan 28, 2026 पर 1:26 PM
Budget 2026 Stock Market Strategy: शेयर मार्केट को इन पांच ऐलानों का इंतजार, हुए तो Nifty सरपट भागेगा ऊपर
Budget 2026 Stock Market Strategy: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार रविवार 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। इसके पेश होने के पहले बाजार के कंसालिडेशन से यह संकेत मिल रहा है कि मार्केट अब मोमेंटम के पीछे भागने की बजाय स्पष्टता का इंतजार कर रहा है।

Budget 2026 Stock Market Strategy: घरेलू स्टॉक मार्केट में पिछले कुछ समय से एक रेंज में उठा-पटक दिख रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार रविवार 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। इसके पेश होने के पहले बाजार के कंसालिडेशन से यह संकेत मिल रहा है कि मार्केट अब मोमेंटम के पीछे भागने की बजाय स्पष्टता का इंतजार कर रहा है। जियोपॉलिटिकल टेंशन और अमेरिकी टैरिफ के साए में निफ्टी किसी एक तरफ भागने की बजाय बजट के इंतजार में है। घरेलू मोर्चे पर बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में 6.5%-7% की रफ्तारसे ग्रोथ की उम्मीदों के बीच निवेशकों की नजर इस बात पर है कि सरकार आर्थिक रफ्तार और सरकारी खजाने के अनुशासन के बीच कैसे संतुलन बनाती है।

यह संतुलन वित्त वर्ष 2026 के बाद ऐसे समय में काफी अहम हो जाता है, जब सरकार ने ₹11.21 लाख करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर का वादा किया है जोकि जीडीपी का 3.1% है और पहले के अनुमानों से करीब 10% अधिक है। चूंकि मार्केट में इस समय काफी अस्थिरता है तो मार्केट का ध्यान फिलहाल इरादों की बजाय इस बात पर है कि काम कैसे हो रहा है और ऐसे में बजट अहम टर्निंग प्वाइंट बन सकता है। यहां पांच ऐसी उम्मीदें दी जा रही हैं, जो पूरी हुई तो बजट के बाद मार्केट सरपट ऊपर दौड़ लगा सकता है।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर अधिक खर्च

कैपिटल एक्सपेंडिचर में अगर उम्मीद से अधिक यानी 10-15% की बढ़ोतरी हो ताकि यह ₹12-₹12.5 लाख करोड़ यानी जीडीपी के करीब 3.2% पर पहुंच जाए और इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर पर अधिक जोर हो तो यह मार्केट के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर बन सकता है। तेजस खोड़े का कहना है कि अब इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च कोई विकल्प नहीं रहा और अगर सरकार इसे बढ़ाती है तो इससे तुरंत सेंटीमेंट सुधरेगा, क्योंकि यही देश के ग्रोथ की सबसे बड़ी रुकावट है। उनका कहना है कि मैन्युफैक्चरिंग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कैपेक्स में तेज बढ़ोतरी ज़रूरी है। सड़कों, रेलवेज, बंदरगाहों और समुद्री रास्तों पर लगातार निवेश के बिना इकोसिस्टम का विस्तार संभव नहीं है।

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