Budget 2026 Impact on Market: दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रस्ताव का स्वागत किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण (Nirmala Sitharaman) ने अगले वित्त वर्ष 2027 के बजट में F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) पर STT (सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स) बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव पर स्टॉक मार्केट में हाहाकार मच गया और घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty) 2-2% से अधिक टूट गए। हालांकि इसी प्रस्ताव का शंकर शर्मा ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे रिटेल ट्रे़डर्स की फ्यूचर एंड ऑप्शंस में दिलचस्पी कम होगी और यह उनकी पूंजी को बचाएगा।
Budget 2026: कितना STT बढ़ाने का हुआ ऐलान?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रिकॉर्ड लगातार नवें बार बजट पेश किया है। इस बजट में उन्होंने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर एसटीटी बढ़ा दिया। उन्होंने फ्यूचर्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स पर एसटीटी को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है, यानी इसमें करीब 150% की बढ़ोतरी हुई है। वहीं ऑप्शंस पर भी एसटीटी को बढ़ाया गया और इसे 0.1% और 0.125% से बढ़ाकर 0.15% करने का प्रस्ताव पेश किया गया है।
Shankar Sharma को क्या आया पसंद प्रस्ताव?
दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा को मुख्य रूप से आज का बजट इसीलिए पसंद आया क्योंकि वित्त मंत्री ने एफएंडओ पर एसटीटी बढ़ा दिया। ऐसा इसलिए क्योंकि शंकर शर्मा के मुताबिक डेरिवेटिव्स कोकीन और जहर का मिक्सचर है जो युवाओं को खत्म कर रहा है। उन्होंने कहा कि F&O का खतरनाक असर कई पीढ़ियों तक महसूस होगी। उनका मानना है कि य़ह पूरी तरह से ट्रेडर्स से पैसों को एफएंडओ स्पेशलिस्ट ब्रोकर्स के पास पैसा भेजने का जरिया है जो असली में इसके विनिंग खिलाड़ी हैं। उन्होंने X (पूर्व नाम Twitter) पर आगे लिखा कि एफएंडओ से भारत की कोई पूंजी नहीं बढ़ती बल्कि जो गिरावट होती है, उसे कैलकुलेट भी नहीं किया जा सकता है। उनका मानना है कि इसे रोका तो नहीं जा सकता है लेकिन इससे बाहर निकालने के लिए टैक्स वाला रास्ता अपनाया जा सकता है। इन्हीं वजहों से शंकर शर्मा ने एसटीटी बढ़ाने जाने को लेकर वित्त मंत्री की काफी प्रशंसा की है।
आज कैसा रहा मार्केट का हाल?
वित्त मंत्री ने जैसे ही शेयर मार्केट में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर एसटीटी बढ़ाया, मार्केट में हाहाकार मच गया। सेंसेक्स आज के इंट्रा-डे हाई से 2,800 से अधिक प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24,600 के नीचे आ गया। निचले स्तर पर मार्केट ने संभलने की कोशिश तो की लेकिन सेंसेक्स और निफ्टी फिर भी रेड जोन में बने रहे और डेढ़-डेढ़ फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए। ब्रोडर लेवल पर बात करें तो लॉर्जकैप की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप में बिकवाली का अधिक दबाव रहा।
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