पिछले एक साल में वेलेंटिस एडवाइजर्स ( Valentis Advisors) के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर ज्योतिवर्धन जयपुरिया (Jyotivardhan Jaipuria) की एक ही रणनीति रही है। वो है घरेलू इकोनॉमी से जुड़े स्टॉक्स में खरीदारी करें और ग्लोबल इकोनमी से जुड़े शेयरों से दूर रहे। ज्योतिवर्धन जयपुरिया का मानना है कि आगे भारतीय इकोनॉमी में अच्छी ग्रोथ देखने को मिलेगी। जबकि ग्लोबल इकोनॉमी बढ़ती महंगाई, जियो पॉलिटिकल तनाव और बढ़ते ब्याज दर के माहौल में दबाव में रहेगी। जयपुरिया ने पीएमएस एआईएफ वर्ल्ड्स समिट एंड अवार्ड्स 2023 (PMS AIF World's Summit & Awards 2023) में कहा कि जहां पर ग्रोथ की संभावना दिख रही है,वहीं दांव लगाएं।
कैपिटल गुड्स शेयर लग रहे अच्छे
किन सेक्टरों में है कमाई की उम्मीद? इस सवाल का जवाब देते हुए ज्योतिवर्धन जयपुरिया ने कहा कि सरकार ने ग्रोथ को पुश देने के लिए कैपिटल एक्सपीडेंचर बढ़ाने का निर्णय लिया है। ऐसे में कैपिटल गुड्स शेयर आगे अच्छा करते नजर आ सकते हैं। इसके अलावा ज्योतिवर्धन जयपुरिया को वो कंपनियां अब ज्यादा अच्छी नजर आ रही हैं। जिनके मार्जिन में पिछले साल उत्पादन लागत में बढ़ोतरी के कारण दबाव देखने को मिला था। उनका कहना है कि अब कमोडिटी की कीमतों में काफी कमी आ गई है। ऐसे में पिछले साल मार्जिन पर दबाव से जूझ रही ये कंपनियां आने वाले सालों में अच्छा प्रदर्शन करेंगी। इनका मार्जिन लेवल सामान्य स्थिति में लौटता दिखेगा।
सिरेमिक और टाइल सेक्टर पर रहे नजर
इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि पिछले साल गैस की कीमतों में भारी बढ़त के कारण सिरेमिक और टाइल सेक्टर पर दबाव देखने को मिला था। लेकिन गैस की कीमतों में कमी आने के साथ ही इनके एबिटडा लेवल में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। जल्द ही इनके मार्जिन में बढ़त देखने को मिलेगी। ऐसे में कजारिया सिरेमिक्स जैसे शेयरों में आगे अच्छी संभावनाएं नजर आ रही हैं। जयपुरिया का मानना है कि जिन कंपनियों ने पिछले साल गैस और दूसरे इनपुट कास्ट के दवाब के चलते कमजोर प्रदर्शन किया था। वे अब गति पकड़ती नजर आएंगी। ऐसी कंपनियों पर हमें निवेश के नजरिए से नजर रखनी चाहिए।
बैंकिंग सेक्टर की चमक रहेगी बरकरार
इस बातचीत में उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में पिछले साल के दौरान लो बेस इफेक्ट के कारण काफी अच्छा प्रदर्शन किया था। हालांकि 2023 में हम बैंकिंग सेक्टर से उतने रिटर्न की उम्मीद नहीं करते, जितना 2022 में मिला था। लेकिन आगे आने वाले सालों में हमें क्रेडिट की लागत घटती दिखेगी। इसके अलावा बैंकों के एनपीए लोन और कम होते नजर आएंगे। ऐसे में निवेशकों को बैंकिंग शेयरों पर नजर रखनी चाहिए।
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