Carver Roboweld IPO Listing: ₹23200 का प्रॉफिट एक लॉट में, ₹80 के शेयर ने मचाया धमाल

Carver Roboweld IPO Listing: कार्वर रोबोवेल्ड मेटस कोर्ड वायर्स, वेल्डिंग रॉड्स और गॉजिंग इलेक्ट्रोड्स जैसे वेल्डिंग कंज्यूमल्स बनाती है। अब आईपीओ को 25 गुना से अधिक बोली के बाद आज इसके शेयर लिस्ट हुए हैं। धांसू एंट्री के बाद शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए। नई खरीदारी से जुड़ी स्ट्रैटेजी तय करने से पहले पढ़ें पूरी डिटेल्स

अपडेटेड Nov 04, 2026 पर 12:05 PM
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Carver Roboweld IPO Listing: कार्वर रोबोवेल्ड का ₹28.29 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 28-30 अक्टूबर तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है।

Carver Roboweld IPO Listing: वेल्डिंग कंज्यूमल्स बनाने वाली कार्वर रोबोवेल्ड के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 25 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹80.00 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹90.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 12.5% का लिस्टिंग गेन (Carver Roboweld Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹94.50 (Carver Roboweld Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 18.13% मुनाफे में हैं। चूंकि लॉट साइज 1600 शेयरों का था तो हर लॉट पर आईपीओ निवेशक ₹23200 के मुनाफे में हैं।

Carver Roboweld IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

कार्वर रोबोवेल्ड का ₹28.29 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 28-30 अक्टूबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 25.80 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 26.33 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 40.39 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 19.17 गुना भरा था।


इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 35.36 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹11.99 करोड़ वेल्डिंग रोबोट्स की खरीदारी, ₹8.60 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹3.37 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹4.32 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Carver Roboweld के बारे में

कार्वर रोबोवेल्ड मेटस कोर्ड वायर्स, वेल्डिंग रॉड्स और गॉजिंग इलेक्ट्रोड्स जैसे वेल्डिंग कंज्यूमल्स बनाती है। साथ ही यह स्पेयर पार्ट्स और एक्सेसरीज भी बेचती है। इसके अलावा यह फॉर्जिंग इंडस्ट्री को फॉर्जिंग डाई रीजेनेरेशन और वेल्डिंग रोबोट रेंटल सर्विसेज समेत वैल्यू-एडेड इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। इसकी मुख्य मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी गुजरात में राजकोट के बामनबोर में है। इसके अलावा पुणे, होसुर और लुधियाना में इसकी सर्विस यूनिट्स भी हैं।

सितंबर 2025 में इसने कार्वर इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड को अपनी सब्सिडियरी बनाया। इसके जरिए यह फोर्जिंग, कास्टिंग, सीमेंट, स्टील, चीनी, पावर, पेट्रोलियम, ऑटोमोटिव और फैब्रिकेशन जैसी इंडस्ट्रीज में प्लांट और मशीनरी के लिए री-कंडीशनिंग और रिफर्बिशमेंट सर्विसेज भी देती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 86% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹3.48 करोड़ और टोटल इनकम करीब 12 % के सीएजीआर से ₹27.12 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹12.27 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹9.62 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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