अगली दिवाली तक सीमेंट, टाइल, पेंट, एनबीएफसी, फार्मा और रियल एस्टेट शेयरों में होगा फायदाः नीलकंठ मिश्रा, Credit Suisse
नीलकंठ मिश्रा ने कहा जिन रियल एस्टेट कंपनियों के पास अपना लैंड बैंक है, उनके शेयरों में निवेश करना चाहिए। इसके साथ ही सीमेंट, टाइल, पेंट, कंस्ट्रक्शन मटेरियल कंपनियों में भी निवेश किया जा सकता है
Credit Suisse के नीलकंठ मिश्रा ने कहा कि पिछले 1 साल से निफ्टी 16000 से 18000 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसके आगे अगले 1 साल तक निफ्टी इसी दायरे में कारोबार करता हुआ नजर आयेगा
दिवाली से दिवाली तक सीरीज में निवेशकों को बाजार में निवेश के गुर समझाने के लिए क्रेडिट सुईस के Managing Director और India Equity Strategist नीलकंठ मिश्रा ने सीएनबीसी-आवाज़ के साथ बातचीत की। इस चर्चा में उन्होंने इस दिवाली से अगली दिवाली तक भारतीय और ग्लोबल बाजार कैसे रहेंगे। भारतीय बाजारो में किन सेक्टर्स में निवेश करने से निवेशकों को फायदा होगा। महंगाई, जीडीपी, भारतीय इकोनॉमी पर अपना नजरिया पेश किया।
वर्तमान ग्लोबल परिदृश्य और भूराजनीतिक संकट पर आपका क्या नजरिया है ?
ग्लोबल बाजारों और भूराजनीतिक संकट पर बात करते हुए नीलकंठ मिश्रा ने कहा कि अगले एक साल ग्लोबल हालात खराब ही रहेंगे। करेक्शन जब तक पूरा नहीं होगा अपग्रेड नहीं आएंगे। हालांकि इकोनॉमिक कमजोरी में गलती की गुंजाइश नहीं होती है। फिलहाल नतीजों का आउटलुक एक साल के लिए गड़बड़ नजर आ रहा है। वहीं ग्लोबल PE 10 साल के औसत से कम होंगे। मेरा मानना है कि 3-5 साल ग्लोबल अर्निंग ग्रोथ कम रहेगी। इस समय भारत के लिए कॉस्ट ऑफ कैपिटल सबसे बड़ा रिस्क है। जबकि FDI, FPI फ्लो नहीं आया तो ग्रोथ पर भी असर होना संभव है।
क्या इस समय इकोनॉमी और मनी मार्केट पर सरकारों का कब्जा है ?
इस पर मिश्रा ने कहा कि पश्चिम देशों के मुकाबले भारत की इकोनॉमी बिलकुल अलग है। देश के हर हिस्से में कोई ना कोई रिफॉर्म हो रहा है। हर राज्य में कुछ ना कुछ अच्छा हो रहा है। कर्नाटक, UP जैसे राज्यों को 1 लाख करोड़ की इकोनॉमी बनना है और इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। तमिलनाडु में इलेक्ट्रॉनिक सप्लाई की बड़ी चेन बन रही है। वहीं भारतीय सरकार भी इंडस्ट्री को बढ़ावा दे रही है।
क्या भारत में महंगाई, बॉन्ड यील्ड और GDP एक साथ 7% से ऊपर चल सकते हैं। क्या भारत में 777 चलता है ?
महंगाई पर बोलते हुए नीलकंठ मिश्रा ने कहा कि जून 2023 तक RBI ने रिटेल महंगाई दर का लक्ष्य 5% रखा है। इस दिशा में कंपनियों में प्राइसिंग पावर भी दिख रही है। हमारा मानना है कि भारत FY24 में 7% ग्रोथ आराम से हासिल करेगा। इस बीच ग्लोबल सर्विस, गुड्स एक्सपोर्ट में भारत का शेयर बढ़ा है।
दुनिया भरे के बाजारो में मचे तूफान के बीच में भारत का बाजार अच्छा कैसे कर रहा है ?
इसका जवाब देते हुए क्रेडिट सुइस के एमडी ने कहा कि रेल फ्रेट, GST कलेक्शन, क्रेडिट डिमांड काफी अच्छी नजर आ रही है। पिछले 3 सालों में सभी बिजनेस का वॉल्यूम ग्रोथ सालाना 7-8% बढ़ा है। अभी सरकारी बॉन्ड से ज्यादा इक्विटी की मांग देखने को मिल रही है। वहीं MGNREGA में काम मांगने वालों की संख्या घटी है। EPFO, इंश्योरेंस कंपनियों से इक्विटी की मांग बढ़ी है।
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय शेयर बाजार ग्लोबल मार्केट से काफी महंगा है। भारतीय बाजार में मौजूदा स्तरों पर टाइम करेक्शन होगा। एक साल बाद भारतीय बाजार सस्ता दिखने लगेगा।
भारत के बाजार को आप कैसे APPROCH कर रहे हैं ?
मिश्रा ने कहा कि 1 साल से निफ्टी 16000 से 18000 के दायरे में कारोबार कर रहा है। अगले 1 साल तक निफ्टी इसी दायरे में घूमेगा। निवेश के लिए सेक्टर्स पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सीमेंट, बैंक, NBFC शेयर आगे अच्छा कर सकते हैं। घरेलू फार्मा शेयर भी हमारे पोर्टफोलियो में शामिल हैं। मेटल शेयरों में कोई रुझान नहीं दिखाई दे रहा है। जबकि IT सेक्टर पर अभी हमारा अंडरवेट नजरिया है।
REAL ESTATE CYCLE 10 साल बाद घूमा है लेकिन अब ब्याज दर जैसी मुश्किलें सामने हैं, क्या फिर भी ये सेक्टर चलेगा ?
रियल एस्टेट सेक्टर पर ब्याज दरों के असर पर उन्होंने कहा कि ब्याज दर बढ़ने का असर रियल एस्टेट पर दिखाई दे सकता है। इसकी वजह से रियल एस्टेट सेक्टर में थोड़ी मंदी आ सकती है। हालांकि हमारा मानना है कि पहले के मुकाबले ब्याज दरें अब भी कम हैं। REAL ESTATE CYCLE अभी लंबा चलेगा। इसके आगे रियल एस्टेट में रिस्क कम होगा।
ज्यादातर REGIONAL PLAYER हैं, ऐसे में REAL ESTATE में शेयर कैसे चुनें ?
इस सवाल के जवाब पर सीधे शेयरों का नाम लेने से बचते हुए नीलकंठ मिश्रा ने कहा कि निवेश के लिहाज से रियल एस्टेट सेक्टर की वे कंपनियां बेहतर हैं जिनके पास अपना लैंड बैंक है। उन्होंने कहा कि घर बनाने की क्षमता वाली रियल एस्टेट कंपनी बेहतर साबित होंगी। इसके अलावा सीमेंट, टाइल, पेंट, कंस्ट्रक्शन मटेरियल कंपनियों पर फोकस रखना चाहिए।
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