दिग्गज फंड मैनेजर क्रिस वुड ने इंडिगो में किया निवेश, इस PSU स्टॉक से निकाला पूरा पैसा

दिग्गज ग्लोबल फंड मैनेजर क्रिस वुड (Chris Wood) ने अपने "इंडिया लॉन्ग-ओनली पोर्टफोलियो" में बड़े बदलाव किए हैं। उन्होंने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन 'इंडिगो' को चलाने वाली कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयर को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया है। वुड ने अपने पोर्टफोलियो में इंडिगो को 4% वेटेज दिया है। इस निवेश के लिए उन्होंने सरकारी कंपनी कोल इंडिया पोर्टफोलियो से पूरी तरह हटा दिया है

अपडेटेड Feb 28, 2025 पर 10:20 AM
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दिग्गज ग्लोबल फंड मैनेजर क्रिस वुड (Chris Wood)

दिग्गज ग्लोबल फंड मैनेजर क्रिस वुड (Chris Wood) ने अपने "इंडिया लॉन्ग-ओनली पोर्टफोलियो" में बड़े बदलाव किए हैं। उन्होंने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन 'इंडिगो' को चलाने वाली कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयर को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया है। वुड ने अपने पोर्टफोलियो में इंडिगो को 4% वेटेज दिया है। इस निवेश के लिए उन्होंने सरकारी कंपनी कोल इंडिया पोर्टफोलियो से पूरी तरह हटा दिया है और इंडस्ट्रियल सेक्टर की कंपनी थर्मेक्स (Thermax) में निवेश को 1% घटा दिया है।

ग्लोबल पोर्टफोलियो में भी बदलाव

क्रिस वुड ने अपने ग्लोबल लॉन्ग-ओनली पोर्टफोलियो में भी बदलाव किए हैं। उन्होंने अलीबाबा (Alibaba) में निवेश 1% बढ़ाने का फैसला किया है, जिसके लिए ICICI बैंक में निवेश को उतनी ही मात्रा में घटाया गया है। वुड ने अपनी रिपोर्ट "GREED & Fear" में लिखा कि भारतीय बाजारों में जो बिकवाली देखी जा रही है, वह मुख्य रूप से तकनीकी कारणों से हो रही है, न कि किसी बड़े आर्थिक संकट की वजह से।

भारतीय बाजार में भारी गिरावट


निफ्टी अपने शिखर से 14% गिर चुका है, जबकि मिडकैप इंडेक्स 19% टूट चुका है। इस गिरावट की मुख्य वजह विदेशी निवेशकों की ओर से आक्रामक बिकवाली रही है। वुड के मुताबिक सबसे ज्यादा गिरावट रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल सेक्टर में देखने को मिली है, जिन्होंने पिछले साल काफी शानदार रिटर्न दिए थे।

उन्होंने लिखा, "हमारा इंडिया पोर्टफोलियो का अधिकतर हिस्सा पहले इन सेक्टर्स में निवेशित था। इस पोर्टफोलियो ने पिछले साल 17 दिसंबर तक निफ्टी के मुकाबले 18.7% बेहतर रिटर्न दियाथा। लेकिन इसके बाद से यह 12.1% कमजोर हुआ है।"

फेडरल रिजर्व और डॉलर की भूमिका

वुड ने आगे कहा कि अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व फिर से अपनी मॉनिटरी पॉलिसी में ढील देता है, तो उभरते शेयर बाजारों के लिए यह राहत होगी। खासकर कमजोर अमेरिकी डॉलर से भारत जैसे बाजारों को फायदा मिल सकता है।

मार्च सीरीज से पहले बाजार दबाव में

भारतीय बाजार लगातार पांच महीने की गिरावट के साथ मार्च सीरीज में प्रवेश कर रहा है। गुरुवार को इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) का शेयर 0.3% बढ़कर 4,442.3 रुपये के भाव पर बंद हुआ। हालांकि, यह अब भी अपने 5,035 रुपये के शिखर से 12% नीचे कारोबार कर रहा है।

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