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विदेशी निवेशकों का इंडियन मार्केट्स से हो सकता है मोहभंग : Chris Wood

क्रिस वुड ने अपनी रिपोर्ट ग्रीड एंड फियर में लिखा है कि महंगे मिडकैप स्टॉक्स ब्लूचिप स्टॉक्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसका असर विदेशी निवेशकों के पोर्टफोलियो के प्रदर्शन पर पड़ा है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 24, 2024 पर 1:34 PM
विदेशी निवेशकों का इंडियन मार्केट्स से हो सकता है मोहभंग : Chris Wood
2024 की शुरुआत से ही फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FPI) इंडियन मार्केट्स में बिकवाली कर रहे हैं।

महंगे वैल्यूएशंस वाले मिडकैप स्टॉक्स ब्लूचिप स्टॉक्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस वजह से कई फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (एफपीआई) के पोर्टफोलियो का प्रदर्शन कमजोर है। ग्रीड एंड फियर की नई रिपोर्ट में यह बात कही गई है। क्रिस वुड ने अपनी रिपोर्ट ग्रीड एंड फियर में यह भी कहा है कि दूसरे बाजारों के मुकाबले इंडियन मार्केट्स का बेहतर प्रदर्शन विदेशी निवेशकों को सावधान कर सकता है। हालांकि, इंडियन मार्केट्स में घरेलू निवेश स्ट्रॉन्ग बना हुआ है। उन्होंने यह भी लिखा है कि इंडिया ऐसा उभरता बाजार है, जिसमें विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी घट सकती है।

विदेशी निवेशकों के पोर्टफोलियो के कमजोर प्रदर्शन की वजह

Chris Wood रिपोर्ट में लिखा है, "महंगे मिडकैप स्टॉक्स का प्रदर्शन ब्लूचिप स्टॉक्स के मुकाबले बेहतर बना हुआ है। निवेश का करीब 60 फीसदी हिस्सा मिडकैप स्टॉक्स में जा रहा है, लेकिन मार्केट कैपिटलाइजेशन में इनकी हिस्सेदारी सिर्फ 30 फीसदी है...विदेशी निवेशकों के पोर्टफोलियो के कमजोर प्रदर्शन के पीछे यह एक वजह है।" वुड ने अपनी रिपोर्ट Greed and Fear में कहा है कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले दो प्रमुख सेक्टर्स-प्राइवेट सेक्टर बैंक और आईटी सर्विसेज में विदेशी निवेशकों की ज्यादा हिस्सेदारी रही है। निफ्टी में भी इनकी अच्छी हिस्सेदारी है। लेकिन, पिछले कुछ समय से इनका प्रदर्शन कमजोर है।

साल की शुरुआत से ही बिकवाली कर रहे विदेशी निवेशक

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