दवा कंपनी सिप्ला लिमिटेड के शेयरों में 14 मई को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी देखी गई। BSE पर शेयर पिछले बंद भाव से लगभग 8 प्रतिशत उछलकर 1434 रुपये तक गया। दिन में इसने 1441.60 रुपये का हाई देखा था। एक दिन पहले शेयर की कीमत में 2.7 प्रतिशत की बढ़त देखी गई थी। कंपनी ने 13 मई को जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए थे। मार्च तिमाही की कमाई और US बिजनेस पाइपलाइन में बेहतर संभावनाओं को देखते हुए कई ब्रोकरेज फर्मों ने सिप्ला के शेयर पर अपना नजरिया पॉजिटिव कर लिया है। ब्रोकरेज फर्म JPMorgan ने Cipla की रेटिंग बढ़ाकर ‘ओवरवेट’ कर दी है। टारगेट प्राइस 1,550 रुपये प्रति शेयर कर दिया है।
मार्च 2026 तिमाही में सिप्ला का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 55.32 प्रतिशत घटकर 542.51 करोड़ रुपये रह गया। ऐसा उत्तरी अमेरिकी मार्केट में रेवेन्यू में कमी और ज्यादा खर्चों की वजह से हुआ। एक साल पहले मुनाफा 1,214.14 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 6,541.2 करोड़ रुपये रहा, जबकि मार्च 2025 तिमाही में यह 6,729.69 करोड़ रुपये था।
कुल खर्च 5,982.3 करोड़ रुपये के रहे, जबकि मार्च 2025 तिमाही में ये 5,514.85 करोड़ रुपये के थे। मार्च 2026 तिमाही में नॉर्थ अमेरिका की सेल्स 26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,414 करोड़ रुपये रही, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 1,919 करोड़ रुपये थी।
JPMorgan का कहना है कि अगले दो सालों में US बाजार में कॉम्प्लेक्स प्रोडक्ट्स लॉन्च होने से सिप्ला की कमाई में मजबूत बढ़ोतरी की उम्मीद है। हाल ही में शेयर में आई गिरावट के बाद इसकी वैल्यूएशन भी आकर्षक हो गई है। JPMorgan ने कहा कि Cipla के आने वाले प्रोडक्ट कंपनी की ग्रोथ के मुख्य इंजन साबित होंगे। नई लॉन्च में gVentolin, gAdvair, gSymbicort और कुछ खास पेप्टाइड प्रोडक्ट्स शामिल हैं।
JPMorgan के मुताबिक, Cipla का शेयर अभी Dr. Reddy's Laboratories और Lupin जैसी दूसरी कंपनियों के शेयर के मुकाबले वित्त वर्ष 2028 की अनुमानित कमाई के आधार पर 5-10% कम कीमत पर ट्रेड कर रहा है। इससे इसकी वैल्यूएशन काफी आकर्षक हो गई है।
ब्रोकरेज Citi ने भी सिप्ला के शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस बढ़ाकर 1,700 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। Citi का कहना है कि मार्च तिमाही के रुझान काफी अच्छे रहे। इसकी मुख्य वजह थी भारत के बिजनेस में लगभग 15% की बढ़ोतरी, US में बिक्री का स्थिर रहना, और ग्रॉस मार्जिन में लगातार बढ़ोतरी। तिमाही के दौरान भू-राजनीतिक और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी दिक्कतों का EMEU और API बिजनेस पर असर पड़ा, लेकिन आने वाली तिमाहियों में इसमें सुधार होने की उम्मीद है।
Cipla ने वित्त वर्ष 2027 के लिए कंपनी का EBITDA मार्जिन 18.5-20% के बीच रहने का अनुमान लगाया है। यह भी भरोसा जताया है कि अगर तय किए गए लॉन्च समय पर पूरे हो जाते हैं, तो वित्त वर्ष 2028 में कंपनी 20% से ज्यादा का EBITDA मार्जिन हासिल कर लेगी। इस बीच HSBC ने 1,340 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखी है। HSBC ने कहा कि भले ही US बिजनेस के लिए सबसे बुरा दौर खत्म होता दिख रहा है, लेकिन भविष्य की ग्रोथ को बनाए रखने के लिए सेल्स में लगातार सुधार जरूरी होगा।
सिप्ला के बोर्ड ने 13 मई, 2026 को वित्त वर्ष 2026 के लिए 2 रुपये फेस वैल्यू वाले हर इक्विटी शेयर पर 13 रुपये का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। इस पर कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सिप्ला का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 3,861.74 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले यह 5,269.2 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 28,162.59 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि वित्त वर्ष 2025 यह 27,547.62 करोड़ रुपये था।
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