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CLSA Report: सरपट भाग रहीं मिड-कैप कंपनियां; स्मॉल-कैप से उम्मीदें ज्यादा, पर नतीजे कर रहे निराश

CLSA Report: ब्रोकरेज फर्म CLSA की ताजा रिपोर्ट में मिडकैप कंपनियां लगातार छठी तिमाही कमाई में आगे हैं। वहीं, स्मॉलकैप पर अर्निंग कटौती का दबाव बढ़ रहा है। उम्मीदें ऊंची हैं, लेकिन नतीजे कमजोर। जानिए ब्रोकरेज क्यों लार्जकैप को तरजीह दे रहा है।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Feb 26, 2026 पर 5:22 PM
CLSA Report: सरपट भाग रहीं मिड-कैप कंपनियां; स्मॉल-कैप से उम्मीदें ज्यादा, पर नतीजे कर रहे निराश
CLSA का मानना है कि जब उम्मीदें ऊंची हों और वैल्यूएशन भी महंगा हो, तब निराशा की गुंजाइश बढ़ जाती है।

CLSA Report: भारतीय उद्योग जगत की कमाई पर आई ब्रोकरेज फर्म CLSA की लेटेस्ट रिपोर्ट एक साफ तस्वीर दिखाती है। मिडकैप कंपनियां लगातार छठी तिमाही में कमाई के मामले में आगे हैं। वहीं, स्मॉलकैप कंपनियों पर अर्निंग कटौती का दबाव बढ़ रहा है। CLSA की स्ट्रैटेजी रिपोर्ट बताती है कि बाजार में उम्मीदें ऊंची हैं, लेकिन जमीन पर प्रदर्शन हर जगह उतना मजबूत नहीं है।

CLSA ने निफ्टी 500 कंपनियों की रिव्यू में पाया कि दिसंबर तिमाही में मिडकैप कंपनियों ने मजबूत प्रॉफिट ग्रोथ दिखाई। दूसरी ओर, स्मॉलकैप कंपनियों के FY27 और FY28 के अर्निंग अनुमान में कटौती की गई है। दिलचस्प बात यह है कि इसके बावजूद अगले दो साल में सबसे तेज कमाई बढ़ोतरी का अनुमान अब भी स्मॉलकैप के लिए लगाया जा रहा है।

CLSA का मानना है कि हालिया प्रदर्शन और भविष्य की उम्मीदों के बीच का यह अंतर आगे और डाउनग्रेड का जोखिम बढ़ा सकता है। ब्रोकरेज ने साफ कहा है कि वह लार्जकैप को प्राथमिकता देता है और स्मॉलकैप में ज्यादा जोखिम देखता है।

लगातार छठी तिमाही मिडकैप की बढ़त

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