Get App

क्या CLSA की उम्मीद पर खरा उतर पाएगा बाजार? सावधानी बरतें निवेशक, ब्रोकरेज ने इन 2 शेयरों पर लगाया दांव

CLSA के मुताबिक तो भारतीय शेयर बाजार टाइगर के जैसे दहाड़ रहा है, लेकिन चुनौती यह सुनिश्चित करने में है कि यह दहाड़ फुसफुसाहट तक सीमित न हो। CLSA के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका-चीन ट्रेड टेंशन में वृद्धि, भारत को वैश्विक निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित कर सकती है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Nov 18, 2024 पर 4:19 PM
क्या CLSA की उम्मीद पर खरा उतर पाएगा बाजार? सावधानी बरतें निवेशक, ब्रोकरेज ने इन 2 शेयरों पर लगाया दांव
सवाल यह है कि भारत इस नए सिरे से दिलचस्पी को लॉन्ग टर्म निवेश सिक्योर करने के लिए कैसे चैनलाइज कर सकता है?

CLSA ने भारतीय इक्विटी पर ओवरवेट रुख के साथ वापसी की है। साथ ही मूडीज रेटिंग्स ने 2024 के लिए भारत की वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। यह एक ऐसा आंकड़ा है जो धीमी रिकवरी और भू-राजनीतिक उथल-पुथल से जूझ रही दुनिया में सबसे अलग है। भारत की मजबूत घरेलू मांग, कम होती महंगाई और स्थिर मैक्रोइकॉनोमिक लैंडस्केप, वैश्विक बदलावों का फायदा उठाने के लिए देश की एक तैयार टाइगर की तस्वीर पेश करते हैं।

CLSA के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका-चीन ट्रेड टेंशन में वृद्धि, भारत को वैश्विक निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित कर सकती है। लेकिन यह सब आसान नहीं है। अक्टूबर में सेंसेक्स और निफ्टी में 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई और नवंबर में अब तक खपत में मंदी, आय में कमी और विदेशी निवेशकों की ओर से लगातार सेलिंग की चिंताओं के बीच लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट आई है।

हेलियोस कैपिटल के समीर अरोड़ा ने निवेशकों को सावधानी बरतने को कहा है और उन्हें याद दिलाया है कि अकेले CLSA के रुख से अतार्किक उत्साह नहीं पैदा होना चाहिए। अब सवाल यह है कि भारत इस नए सिरे से दिलचस्पी को लॉन्ग टर्म निवेश सिक्योर करने के लिए कैसे चैनलाइज कर सकता है? CLSA के मुताबिक तो भारतीय शेयर बाजार टाइगर के जैसे दहाड़ रहा है, लेकिन चुनौती यह सुनिश्चित करने में है कि यह दहाड़ फुसफुसाहट तक सीमित न हो।

बाजार की स्थिति के बीच एक्सपर्ट ने दो शेयरों को लेकर अपनी राय दी है, जो निवेशकों को फायदा करा सकते हैं...

सब समाचार

+ और भी पढ़ें