शेयर बाजार में छाई गिरावट के बीच सरकारी कंपनी कोल इंडिया (Coal India) का शेयर 3 प्रतिशत तक उछला। BSE पर शेयर की कीमत शुरुआती कारोबार में 459.90 रुपये के हाई तक गई। बाद में शेयर 1 प्रतिशत बढ़त के साथ 450.25 रुपये पर सेटल हुआ। कंपनी ने वीकेंड पर शेयर बाजारों को बताया था कि उसे तेलंगाना पावर जेनेरेशन कॉरपोरेशन से लेटर ऑफ अवॉर्ड मिला है। यह चाउटुप्पल में 750 MWh (चार घंटे के लिए 187.5 MW) BESS प्लांट सेटअप करने के लिए है। इसके लिए मासिक टैरिफ ₹3.14 लाख प्रति MW है। यह प्रोजेक्ट ₹1,057.09 करोड़ का है।
कंपनी को 15 दिनों के अंदर परफॉरमेंस बैंक गारंटी और अन्य डॉक्यूमेंट्स जमा करने हैं, जिसके बाद फॉर्मल एग्रीमेंट पर साइन होंगे। एक्सचेंज फाइलिंग में बताया है कि प्रोजेक्ट को बैटरी एनर्जी स्टोरेज परचेज एग्रीमेंट को साइन किए जाने की तारीख से लेकर 18 महीनों के अंदर पूरा किया जाना है। यह रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन नहीं है। इसके अलावा एक दूसरी एक्सचेंज फाइलिंग में कोल इंडिया ने कुछ इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स का कार्यकाल खत्म होने के बारे में बताया है।
कंपनी का कहना है कि 28 मार्च से CA कामेश कांत आचार्य, पूनमभाई कलाभाई मकवाना, भोजराजन राजेशचंदर और ममता पलारिया का इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के तौर पर कार्यकाल खत्म हो गया है। इससे पहले कोल इंडिया ने सूचना दी थी कि उसने दामोदर वैली कॉरपोरेशन के साथ 50:50 पार्टनरशिप में जॉइंट वेंचर डीवीसी सीआईएल पावर प्राइवेट लिमिटेड बनाया है।
Coal India शेयर 3 महीनों में 13 प्रतिशत चढ़ा
कोल इंडिया का मार्केट कैप 2.77 लाख करोड़ रुपये हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में 13 प्रतिशत चढ़ा है। 3 साल में यह 113 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। कंपनी में सरकार के पास 63.13 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 475.95 रुपये और एडजस्टेड लो 350.15 रुपये है। फरवरी महीने में मोतीलाल ओसवाल ने इस शेयर के लिए 'बाय' रेटिंग के साथ 500 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया था। प्रभुदास लीलाधर ने 'होल्ड' रेटिंग के साथ 436 रुपये का टारगेट सेट किया था। हाल ही में जेफरीज ने कोल इंडिया के लिए टारगेट प्राइस बढ़ाकर 485 रुपये प्रति शेयर कर दिया।
अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में कोल इंडिया लिमिटेड का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 15.8 प्रतिशत गिरकर 7,157.45 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले मुनाफा 8,505.57 करोड़ रुपये था। सेल्स घटकर 30,818.17 करोड़ रुपये पर आ गई, जो दिसंबर 2024 तिमाही में 32,358.98 करोड़ रुपये थी। कोल इंडिया को महारत्न का दर्जा मिला हुआ है। देश के कुल कोयला उत्पादन में इसका योगदान 80 प्रतिशत का है।
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