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Stocks to Buy: 10% डिविडेंड के साथ 35% तक रिटर्न कमाने का मौका, यह शेयर करा सकता है बंपर फायदा

नुवामा इंस्टीट्यूशनल ने एक रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी इस बार अपना अबतक का सबसे बड़ा डिविडेंड देने वाली है। यह डिविडेंड आपको किसी भी बैंक एफडी पर मिलने वाले रिटर्न से कहीं ज्यादा होगा। दूसरा फायदा यह है कि कंपनी के शेयरों में मौजूदा स्तर से करीब 35% की तेजी आने की संभावना दिख रही है यानी निवेशकों को यह शेयर खरीदने पर 35 पर्सेंट का फायदा हो सकता है

Moneycontrol Newsअपडेटेड Oct 10, 2023 पर 11:14 PM
Stocks to Buy: 10% डिविडेंड के साथ 35% तक रिटर्न कमाने का मौका, यह शेयर करा सकता है बंपर फायदा
Nuvama के मुताबिक कोल इंडिया इस छमाही में प्रति शेयर 30 रुपये का डिविडेंड दे सकती है

Coal India Shares: कोल इंडिया के निवेशकों के लिए अगले एक साल काफी शानदार रहने वाले हैं। जिन निवेशकों ने इसके शेयर खरीदे हैं, या खरीदने की सोच रहे हैं, उन्हें एक नहीं बल्कि दो-दो फायदा मिल सकता है। जानी मानी ब्रोकरेज फर्म नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Nuvama Institutional Equities) ने एक रिपोर्ट में इन फायदों को विस्तार से बताया है। नुवामा ने कहा कि पहला फायदा तो यह है कि कंपनी इस बार अपना अबतक का सबसे बड़ा डिविडेंड (Coal India Dividend) देने वाली है। यह डिविडेंड आपको किसी भी बैंक एफडी पर मिलने वाले रिटर्न से कहीं ज्यादा होगा। दूसरा फायदा यह है कि कंपनी के शेयरों में मौजूदा स्तर से करीब 35% की तेजी आने की संभावना दिख रही है यानी निवेशकों को यह शेयर खरीदने पर 35 पर्सेंट का फायदा हो सकता है।

नुवामा इन 3 कारणों से है बुलिश

नुवामा का कहना है कोल इंडिया के शेयर पर बुलिश होने के 3 मुख्य कारण है। पहला कंपनी के वॉल्यूम ग्रोथ में उछाल की मजबूत संभावना है। दूसरा ई-नीलामी की कीमतें बेहतर हुईं हैं और तीसरा कि कंपनी इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में अपना अबतक का सबसे बड़ा डिविडेंड दे रही है। ब्रोकरेज का कहना है कि सितंबर से अबतक कोल इंडिया के शेयरों में 25% की तेजी आई है। हालांकि इसके बावजूद हमें अगले एक साल में इसमें 35% और तेजी की उम्मीद है। इसके अलावा कंपनी इस छमाही में प्रति शेयर 30 रुपये और अगले वित्त वर्ष करीब 35 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दे सकती है।

थर्मल पावर की बढ़ सकती है मांग

नुवामा ने कहा कि मानसून का सीजन खत्म हो गया है और अब सर्दियां आने वाली हैं। ऐसे में पानी और पवन उर्जा से होने वाले बिजली उत्पादन में कमी आएगी और इसकी भरपाई के लिए कोयल से बनने वाली बिजली यानी थर्मल पावर की मांग बढ़ेगी। देश में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी के संकेत है, साथ ही कोयल की कीमतों में ग्लोबल स्तर से तेजी आई है। इसके चलते दूसरी तिमाही में ई-नीलामी प्रीमियम बढ़कर 106 प्रतिशत पर चला गया था, जो पहली तिमाही में 54 प्रतिशत था।

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