सरकारी कंपनी का शेयर 5% लुढ़का, तिमाही नतीजे रहे कमजोर, निवेशकों के लिए अब आगे क्या?

Coal India Share Price: कोल इंडिया के शेयर सोमवार 28 अक्टूबर को 5 फीसदी तक लुढ़क गए। कंपनी के शेयरों में यह गिरावट उसके सितंबर तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद आई है। भारत सरकार के स्वामित्व वाली इस कंपनी ने बताया कि सितंबर तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा करीब 22 फीसदी घटकर 6,274.80 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 8,048.64 करोड़ रुपये था

अपडेटेड Oct 28, 2024 पर 1:40 PM
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Coal India Shares: इमके ग्लोबल ने कोल इंडिया के शेयर पर 'buy' रेटिंग बरकरार रखी है

Coal India Share Price: कोल इंडिया के शेयर सोमवार 28 अक्टूबर को 5 फीसदी तक लुढ़क गए। कंपनी के शेयरों में यह गिरावट उसके सितंबर तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद आई है। भारत सरकार के स्वामित्व वाली इस कंपनी ने बताया कि सितंबर तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा करीब 22 फीसदी घटकर 6,274.80 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 8,048.64 करोड़ रुपये था।

वहीं कंपनी की कंसॉलिडेटेड इनकम सितंबर तिमाही में घटकर 32,177.92 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 34,760.30 करोड़ रुपये था। कोल इंडिया, दुनिया की सबसे बड़ी कोल माइनिंग कंपनी है।

सुबह 10 बजे के करीब, कोल इंडिया के शेयर एनएसई पर 4.75 फीसदी की गिरावट के साथ 439.2 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे। इस साल अबतक कंपनी के शेयरों में करीब 16 फीसदी की तेजी आई है। वहीं पिछले एक साल में इसने अपने निवेशकों को करीब 42 फीसदी का रिटर्न दिया है।


Coal India Shares: ब्रोकरेज फर्मों की क्या है राय?

नवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने एक रिपोर्ट में कहा कि बिजली की मांग कमजोर होने के चलते कम कोल वॉल्यूम, भारी बारिश, कॉम्पिटीन में बढ़ोतरी और दाम में नरमी के चलते कोल इंडिया के ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA में सालाना आधार पर करीब 20 फीसदी की गिरावट आई। ब्रोकरेज ने कहा, "पहली छमाही के दौरान, सेल्स वॉल्यूम में सिर्फ करीब 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। CIL ई-नीलामी के तहत वॉल्यूम बढ़ाने की कोशिश करेगी; अगर ऐसा होता है, तो इसकी कीमतों में और गिरावट आएगी।"

कोल इंडिया ने आंतरिक स्रोतों से अगले चार-पांच सालों तक सालाना 15,000-20,000 करोड़ रुपये के कैपिटल एक्सपेंडिचर का लक्ष्य रखा है। इस कैपिटल एक्सपेंडिचर का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा नॉन-कोयला (थर्मल और सोलर पावर प्लांट्स, कोयला गैसीकरण, फर्टिलाइजर्स प्लांट्स) पर खर्च किया जाएगा, लेकिन इसका लाभ आने में चार-पांच साल लग सकते है।

इसके अलावा, ब्रोकरेज ने कहा कि रिटर्न रेशियो में गिरावट की संभावना है। नुवामा ने कोल इंडिया के शेयर पर अपनी 'होल्ड' रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन इसका टारगेट प्राइस 542 रुपये से घटाकर 517 रुपये कर दिया है।

हालांकि Emkay Global ने कोल इंडिया के शेयर पर अपनी 'buy' रेटिंग बरकरार रखी है और इसके लिए 600 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज ने कहा कि सितंबर तिमाही में इसके नतीजे अनुमान से कम रहे, लेकिन दूसरी छमाही में कंपनी रिकवरी कर सकती है। इसके अलावा इसकी मीडियम-टर्म में ग्रोथ संभावनाएं मजूबत हैं और बेहतर डिविडेंड देने का सिलसिला भी बरकरार है। ऐसे में शेयर में कोई भी अच्छी गिरावट इसमें खरीदारी का मौका हो सकती है।

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