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Coal India का शेयर रौनक वाले मार्केट में भी धड़ाम, नुवामा के बेयरेश रुझान पर आई 3% की गिरावट

Coal India Shares: मार्केट ने आज उड़ान भरी तो दूसरी तरफ देश की सबसे बड़ी कोल माइनिंग कंपनी कोल इंडिया धड़ाम हो गया। सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) एक तरफ इंट्रा-डे में 2-2% से अधिक उछल पड़े तो दूसरी तरफ कोल इंडिया के शेयर 3% से अधिक टूट गए। नुवामा के बेयरेश रुझान पर यह फिसल गया। जानिए नुवामा इसे लेकर क्यों बेयरेश है

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Mar 24, 2026 पर 3:58 PM
Coal India का शेयर रौनक वाले मार्केट में भी धड़ाम, नुवामा के बेयरेश रुझान पर आई 3% की गिरावट
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने प्रति शेयर ₹284 के टारगेट प्राइस के साथ Coal India की रिड्यूस रेटिंग को बरकरार रखा है।

Coal India Shares: कोल सेक्टर की दिग्गज पीएसयू कोल इंडिया के शेयरों में मजबूत मार्केट सेंटिमेंट में बिकवाली का तगड़ा दबाव दिखा। इसके शेयरों को निवेशक इसलिए धड़ाधड़ बेच रहे हैं क्योंकि वैश्विक ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने इस पर बेयरेश रुझान अपनाया है। नुवामा ने इस पर बेयरेश रुझान ऐसे समय में अपनाया है, जब यह स्टॉक अपने एक साल के हाई के काफी करीब पहुंच गया और इसकी एक और सब्सिडरी मार्केट में लिस्ट होने की तैयारी में है। अभी इसके शेयरों के स्थिति की बात करें तो आज बीएसई पर यह 2.96% की गिरावट के साथ ₹441.90 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 3.60% फिसलकर ₹439.00 तक आ गया था।

Coal India पर क्यों है नुवामा बेयरेश?

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने प्रति शेयर ₹284 के टारगेट प्राइस के साथ देश की सबसे बड़ी माइनिंग कंपनी कोल इंडिया की रिड्यूस रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज फर्म ने इसका जो टारगेट प्राइस फिक्स किया है, वह इसे कवर करने वाले 26 एनालिस्ट्स में तीसरा सबसे कम है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी ने जो अधिक वॉल्यूम और ई-नीलामी में मजबूत कीमतों का दावा किया है, वह घरेलू मार्केट में अधिक सप्लाई, बढ़ते कॉम्पटीशन और सुस्त मांग के चलते शायद उम्मीद के मुताबिक न हो पाए।

नुवामा का मानना है कि ई-नीलामी से इसे सीमित दायरे में ही पैसे मिल सकते हैं। इसका अनुमान है कि मार्च 2026 में ई-नीलामी का प्रीमियम लगभग 35% से 40% के बीच रहेगा, जो वित्तीय वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों के औसत 37% के लगभग बराबर है। यह स्थिति तब है, जब ब्रोकरेज फर्म को वॉल्यूम में थोड़ी तेजी की उम्मीद है। इस वित्त वर्ष 2026 में अब तक वॉल्यूम सुस्त रही है जिसके चलते वित्त वर्ष 2026-28 में 4% की चक्रवृद्धि रफ्तार (CAGR) के अनुमान पर खतरा मंडरा रहा है, खासतौर से कैप्टिव माइनर्स से बढ़ते उत्पादन के चलते।

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