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COVID-19 का डर लगभग खत्म, बैंकों के प्रदर्शन में आगे दिखेगा और सुधार: Fitch Ratings

फिच की रिपोर्ट में कहा गया है कि खराब लोन अनुपात के 2.1 फीसदी के निम्न स्तर पर रहने के चलते प्राइवेट बैंक, सरकारी बैंकों की तुलना ज्यादा बेहतर दिख रहे हैं। सराकरी बैंकों का खराब लोन अनुपात 5.6 फीसदी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 21, 2023 पर 12:38 PM
COVID-19 का डर लगभग खत्म, बैंकों के प्रदर्शन में आगे दिखेगा और सुधार: Fitch Ratings
फिच का कहना है कि उम्मीद से बेहतर लोन ग्रोथ और बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन में सुधार को चलते बैंकों की कमाई में बढ़त देखने को मिली है

फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने 21 फरवरी को कहा कि पिछले तीन वर्षों से बैंकों की बैलेंस शीट में लगातार हो रहे सुधार और कोविड-19 से संबंधित जोखिमों के लगभग खत्म होने के साथ ही भारतीय बैंकों के प्रदर्शन में आगे और तेजी आने की संभावना दिख रही है। फिच रेटिंग्स ने आज आई एक रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन में निरंतर हो रहा सुधार बैंकिंग सेक्टर के आंतरिक जोखिम प्रोफाइल के लिए अच्छा संकेत है।

खराब लोन का अनुपात घटा

बैंकिंग सेक्टर के असेट क्वालिटी पर बात करते हुए रेटिंग एजेंसी ने कहा कि वित्त वर्ष 2023 के पहले 9 महीनों में बैंकिंग सेक्टर का इम्पेयर्ड लोन रेशियो (खराब लोन जिसकी रिकवरी मुश्किल है) वित्त वर्ष 2022 के इसी अवधि के 6 फीसदी से घटकर 4.5 फीसदी पर आ गई है। ये अनुपात फिच रेटिंग्स के अनुमान से भी 60 बेसिस प्वाइंट यानी 0.60 फीसदी कम है।

हायर लोन ग्रोथ और नए एनपीए में कमी से मिल रहा सपोर्ट

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