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Oil Price: तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, कौनसे फैक्टर्स हैं जिम्मेदार?

एक्सपर्ट मानते हैं कि मिडिल ईस्ट में जिओपॉलिटिकल स्ट्रेस तेल की सप्लाई और कीमतों के बढ़ने में अहम भूमिका निभाता है ऐसे में यदि मिडिल ईस्ट में हालात यूं ही खराब होते रहे तो ऑयल के प्राइज 100 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ सकते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 17, 2024 पर 6:14 PM
Oil Price: तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, कौनसे फैक्टर्स हैं जिम्मेदार?
तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गईं।

Crude Oil Prices: बुधवार 17 अप्रैल को तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गईं। इसका कारण चीन की इकनॉमी बताई जा रही है। बेंचमार्क ब्रेंट 17 अप्रैल को 89.52 डॉलर प्रति बैरल पर खुला, जो पिछले 90.02 डॉलर प्रति बैरल से 0.57 फीसदी कम है। दरअसल, चीन की इकनॉमी उम्मीद से कम प्रदर्शन कर रही है और साथ ही अमेरिका में तेल का प्रोडक्शन बहुत अधिक बढ़ गया है। बावजूद इसके, देशों के बीच झगड़े के कारण मिडिल ईस्ट में बहुत परेशानियां चल रही हैं, लेकिन सिर्फ इसके कारण तेल की कीमतें बढ़ना मुश्किल है।

चीन

चीन, तेल का बहुत अधिक इस्तेमाल करता है और उसकी इकनॉमी के बारे में कुछ अच्छी खबरें थी, लेकिन कुल मिलाकर, इसकी इकनॉमी अभी भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बेशक चीन की इकनॉमी में मार्च क्वाटर में उम्मीद से ज्यादा ग्रोथ हुई लेकिन कई फैक्टर्स से पता चला कि तेल की डोमेस्टिक डिमांड कम है। आपको बता दें, चीन दुनिया का सबसे बड़ा एनर्जी कंज्यूमर है।

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