हाल में स्मॉलकैप और मिडकैप कंपनियों में बिकवाली का असर इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों पर भी पड़ा। साएंट डीएलएम (Cyient DLM) इसमें शामिल थी। हालांकि, इस कंपनी के लिए आउटलुक पॉजिटिव लगता है। सरकार का फोकस 'मेक इन इंडिया' पर बने रहने की उम्मीद है। वह पीएलआई स्कीम का दायरा बढ़ा सकती है। उधर, ग्लोबल कंपनियां सप्लाई चेन के रिस्क को घटाने के लिए चीन की जगह इंडिया में प्रोडक्शन करना चाहती हैं। इसका सीधा असर स्टॉक मार्केट में सूचीबद्ध इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विस (EMS) कंपनियों के स्टॉक्स पर दिख रहा है।
रेवेन्यू में एयरोस्पेश और डिफेंड की ज्यादा हिस्सेदारी
साएंट डीएलएम का फोकस एयरोस्पेस और डिफेंस पर है। ग्रुप के कुल रेवेन्यू में दोनों सेगमेंट की करीब 67-70 फीसदी हिस्सेदारी है। यह ABB, Honeywell, Thales और Bharat Electronics जैसी दिग्गज कंपनियों को सेवाएं देती है। कंपनी की क्षमता खास सेक्टर में है, जिसकी नकल मुमकिन नहीं है। इस वजह से साएंट का अपनी क्लाइंट कंपनियों से अच्छे संबंध बने रहते हैं।
प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन
साएंट डीएलएम का प्रदर्शन इंडस्ट्री के औसत प्रदर्शन से बेहतर रहा है। आगे भी इस ट्रेंड के जारी रहने की उम्मीद है। कंपनी को एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म अपग्रेड, यूरोप में डिफेंस पर ज्यादा खर्च और इंडिया में बढ़ते डिफेंस एक्सपोर्ट्स का फायदा मिलेगा। इंडियन ईएमएस मार्केट की CAGR अगले 3-5 साल में 32 फीसदी रहने की उम्मीद है। एयरोस्पेश और डिफेंस की डिमांड कुल ईएमएस मार्केट से ज्यादा रहने की उम्मीद है।
2295 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक
Cyient की ऑर्डरबुक 2,295 करोड़ रुपये है। यह इसके अंतिम 12 महीने के रेवेन्यू का 2.1 गुना है। इससे अगले 12-18 महीनों में कंपनी के रेवेन्यू को लेकर तस्वीर साफ है। सिर्फ तीसरी तिमाही में कंपनी को 347 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी को 1 करोड़ डॉलर का एक ऑर्डर मिला है, जिसे 3-4 साल में पूरा करना है। कंपनी के मैनेजमेंट को बीते वित्त वर्ष में EBITDA मार्जिन 10-10.5 फीसदी रहने का अनुमान है।
बीते एक साल में 68 फीसदी रिटर्न
कंपनी के स्टॉक का पीई वित्त वर्ष 2025-26 की अनुमानित कमाई के आधार पर 35.4 फीसदी है। अगर FY24-26 के दौरान 55 फीसदी अर्निंग्स ग्रोथ को देखा जाए तो ऐसा लगता है कि अर्निंग्स ग्रोथ पूरी तरह प्राइस्ड नहीं है। इसका मतलब है कि अभी इस स्टॉक में निवेश का मौका है। कंपनी का स्टॉक 5 अप्रैल को 0.70 फीसदी गिरकर 704 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में इस स्टॉक ने निवेशकों को करीब 68 फीसदी रिटर्न दिया है।
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