Daily Voice : भारतीय इक्विटी बाजार में लंबी अवधि में ग्रोथ की व्यापक संभावनाएं हैं। देश में बनते अनुकूल ढ़ाचे और बढ़ते कैपेक्स के चलते बैंकों सेक्टर में जोरदार क्रेडिट ग्रोथ देखने को मिलेगी। ये बातें मनीकंट्रोल के साथ एक साक्षात्कार में एक्सिस सिक्योरिटीज (Axis Securities) में क्वांटिटेटिव इक्विटी रिसर्च के हेड नीरज चदावर (Neeraj Chadawar)ने कही हैं। इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि एक्सिस सिक्योरिटीज ने दिसंबर 2023 तक निफ्टी के लिए 20200 का लक्ष्य बनाए रखा है। अगर बाजार में वोलैटिलिटी कम होती है और अमेरिका में सॉफ्ट लैंडिंग हो जाती तो इस अवधि में 22200 का स्तर भी नामुमकिन नहीं है।
नए जमाने की इंटरनेंट आधारित टेक कंपनियों में निवेश की सलाह
इक्विटी मार्केट का में 11 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले चदावर की नए जमाने की इंटरनेंट आधारित टेक कंपनियों में निवेश की सलाह है। उनका कहना है कि ये कंपनियां अब मुनाफे में आने पर फोकस कर रही है। ऐसे में इन कंपनियों में 12-18 महीने के नजरिए से निवेश करना चाहिए।
आरबीआई की पॉलिसी पर बात करते हुए नीरज चदावर ने कहा कि पिछली एमपीसी बैठक के बाद से तेल की कीमतें और कुछ सब्जियों की कीमतें बढ़ी हैं। उम्मीद है कि आरबीआई अगस्त एमपीसी बैठक में मौजूदा दर को बरकरार रखेगा। इसके आलावा पॉलिसी पर आरबीआई के रुख में भी किसी बदलाव की संभावना नहीं है। बाजार की नजर अर्थव्यवस्था पर आरबीआई के नजरिये और विकास और महंगाई के आंकड़ों पर इसके अनुमान पर रहेगी।
आरबीआई बढ़ा सकता है वित्त वर्ष 2024 के लिए महंगाई का अनुमान
पिछली एमपीसी बैठक के बाद से सब्जियों की कीमतों में बढ़त हुई है। जिसके कारण खाने-पीने की चीजों के भाव बढ़े हैं। हालांकि, कोर महंगाई में नरमी कायम रही है। अल नीनो के आगे बढ़ने और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के जोखिम को देखते हुए, आरबीआई वित्त वर्ष 2024 के लिए महंगाई का अनुमान बढ़ा सकता है।
इस बातचीत में नीरज चदावर ने आगे कहा कि वित्त वर्ष 2023 बीएफएसआई सेक्टर के लिए एक मजबूत वर्ष था। एक्सिस के कवरेज में शामिल अधिकांश बैंक/एनबीएफसी वित्त वर्ष 2024 में भी ग्रोथ के अवसरों को भुनाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं। अधिकांश बैंकों ने आपने गाइडेंस में कहा कि आगे उनके कारोबार में अच्छी ग्रोथ दिखेगी और उनकी लोन बुक में मजबूती आएगी। इस सेक्टर की एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार हो रहा है। आगे इसमें और सुधार देखने को मिलेगा। सेक्टर के नए एनपीए कम हुए हैं। आगे खुदरा और एसएमई सेक्टर से आने वाली कर्ज की मांग में मजबूती देखने को मिलेगी। इसके अलावा, कॉर्पोरेट ऋणों की मांग में भी तेजी आने की उम्मीद है।
बीएफएसआई के अलावा ‘Growth at a Reasonable Price’ थीम भी काफी अच्छी लग रही है। इस थीम से जुडे़ स्टॉक्स को रबी सीज़न के अच्छे भुगतान, कमोडिटी की कीमतों में गिरावट, रुरल रिकवरी और अगली तिमाही में मार्जिन में रकवरी का फायदा मिलेगा।
पीएसयू बैंक वर्तमान भाव पर भी लग रहे अच्छे
बैंकिंग सेक्टर पर बात करते हुए नीरज चदावर ने कहा कि वर्तमान में पूरा बैंकिंग सेक्टर बैलेंस शीट के मामले में प्री-कोविड लेवल की तुलना में बेहतर स्थिति में है। पिछले कुछ सालों में बैड लोन की काफी सफाई हो चुकी है। अधिकांश बैंक मुनाफे में कारोबार कर रहे हैं। इनके रिटर्न अनुपात, विशेष रूप से पीएसयू बैंकों के आरओई (इक्विटी पर मिलने वाला रिटर्न) में पिछले कुछ सालों में काफी सुधार हुआ है। अगले कुछ सालों में आरओई में विस्तार की उम्मीदें बन रही हैं। डबल डिजिट क्रेडिट ग्रोथ, बेहतर बैलेंस शीट और बेहतर रिटर्न अनुपात को देखते हुए लार्ज-कैप पीएसयू बैंक वर्तमान भाव पर भी अगले 12-18 महीनों के नजरिए से निवेश के लिए काफी अच्छे दिख रहे हैं।
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