Daily Voice : मौजूदा 24x ट्रेलिंग 12 मंथ प्राइस-टू-अर्निंग (पी/ई) वैल्यूएशन के कारण भारतीय बाजारों में री- रेटिंग की संभावना नहीं है। नारनोलिया फाइनेंशियल सर्विसेज (Narnolia Financial Services)के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफीसर और को-फाउंडर शैलेन्द्र कुमार ने मनीकंट्रोल के साथ एक इंटरव्यू में यह राय साझा की है। उनके मुताबिक अगले पांच वर्षों में देश की नॉमिनल जीडीपी में 10 फीसदी की दर से बढ़त हो सकती है। इसके साथ निफ्टी की अर्निंग ग्रोथ लगभग 14 फीसदी के हाई रेट पर रहने की उम्मीद है। शैलेंद्र का मानना है कि निफ्टी की आगे की तेजी कंपनियों के अर्निंग ग्रोथ पर आधारित होगी।
फंड मैनेजमेंट और इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंसी का 20 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले शैलेन्द्र कुमार का मानना है कि हालांकि बैंकिंग सेक्टर में किसी बड़े रि-वैल्यूएशन की संभावना नहीं है। लेकिन आने वाली तिमाहियों में बैंकिंग सेक्टर लगातार अच्छा प्रदर्शन करता नजर आएगा।
क्या आप उम्मीद करते हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व जुलाई की नीति बैठक के बाद शेष कैलेंडर वर्ष में दरों में एक और बढ़ोतरी करेगा? इसके जवाब में मई 2023 की बैठक के दौरान पॉवेल ने संकेत दिया था कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व दर बढ़ोतरी पर विराम लगा सकता है। यह निर्णय इस तथ्य पर आधारित था कि खुदरा महंगाई कम हो रही थी। इसके अलावा कई बैंक डिफ़ॉल्ट कर रहे थे जिनको सपोर्ट की जरूरत थी। पीछे मुड़कर देखने पर ऐसा लगाता है कि दरों में बढ़ोतरी का रियल इकोनॉमी पर उतना बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा जितना अनुमान लगाया गया था।
इसके इसके अलावा अमेरिका रोजगार इंडस्ट्री फल-फूल रही है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व में आगे दरों में और बढ़ोतरी करने का कॉन्फिडेंस पैदा हुआ है। हालांकि वर्तमान में महंगाई में बहुत कमी न आने के बावजूद हमें इसमें अच्छी गिरावट देखने को मिली है। नतीजतन ऐसा लगता है कि इस साल सितंबर और नवंबर में होने वाली आगामी नीति बैठकों पर दर बढ़ोतरी रोक लग सकती है। एक बार और अधिकतम 25 बीपीएस की बढ़ोतरी हो सकती है। इतिहास बताता है कि महंगाईआम तौर पर गिरावट के पहले दौर के बाद वापस लौटती है। यानी लंबी अवधि के लिए नरमी के दौर में जाने से पहले यह आम तौर पर कई शिखर बनाती है। ऐसे में एक लंबे विराम के बाद भी, कुछ समय तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी जारी रहेगी।
क्या आप इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर को लेकर उत्साहित हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए शैलेन्द्र कुमार ने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), खासकर दोपहिया सेक्टर में, पिछला एक साल ग्रोथ के लिहाज से बहुत अच्छा साल रहा है। वित्त वर्ष 2021 में 2-व्हीलर EV वॉल्यूम 44000 पर, वित्त वर्ष 2022 में 250,000 पर और वित्त वर्ष 2023 में 728,000 पर रहा था। जबकि वित्त वर्ष 2024 के शुरुआती 3 महीनों में ये 205000 पर रहा।
4-व्हीलर ईवी सेक्टर में अभी बहुत तेजी नहीं आई है। इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में वे ऑटो कलपुर्जा बनाने वाली कंपनियां अच्छी लग रही हैं जो ऑटो कंपनियों को कलपुर्जे सप्लाई करती हैं और इंडस्ट्री को बंडल्ड प्रोडक्ट उपलब्ध करवाती हैं। इसके अलावा इनके लिए एक्पोर्ट मार्केट में भी व्यापक अवसर हैं।
कंज्यूमर सेक्टर पर बात करते हुए शैलेन्द्र कुमार ने कहा कि ये सेक्टर काफी डाइवर्सिफाइड है। इसमें हर सेक्टर का व्यवहार अगल-अलग होता है। ओवरऑल ये सेक्टर इस समय महंगा दिख रहा है। ऐसे में चुनिंदा क्वालिटी शेयरों पर ही दांव लगाने की सलाह होगी।
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