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Daily Voice: अगर कैपेक्स साइकिल को चाहते हैं खेलना तो प्राइवेट बैंकों से रहें दूर, पीएसयू बैंक और इंजीनियरिंग शेयरों पर लगाएं दांव

IT सेक्टर की संभावनाओं पर राघवेंद्र नाथ ने कहा कि आईटी सेक्टर अपनी मांग के लिए अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों पर काफी ज्यादा निर्भर है। ये दोनों ही बाजार एक लंबी मंदी के मुहाने पर नजर आ रहे हैं। अगर मंदी लंबी चलती है तो आईटी सेक्टर पर इसका निगेटिव असर देखने को मिल सकता है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Oct 31, 2022 पर 10:55 AM
Daily Voice: अगर कैपेक्स साइकिल को चाहते हैं खेलना तो प्राइवेट बैंकों से रहें दूर, पीएसयू बैंक और इंजीनियरिंग शेयरों पर लगाएं दांव
अगर आप कैपेक्स साइकिल का फायदा उठाने के लिए निवेश करना चाहते हैं तो आपको सीधे इंजीनियरिंग और कैपिटल गुड्स कंपनियों या फिर बड़े सरकारी बैंकों में निवेश करना चाहिए

इस बात की काफी संभावना है कि विकसित देशों में अभी कई और तिमाहियों तक महंगाई ऊंचे स्तरों पर बनी रहे। महंगाई की वजह सिर्फ कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त ही नहीं है। महंगाई की मूल वजह अमेरिका और यूरोप में पिछले दो साल या उससे भी पहले से आई बेलगाम लिक्विडिटी है। ये बातें लैडरअप वेल्थ मैनेजमेंट (Ladderup Wealth Management)के मैनेजिंग डायरेक्टर राघवेंद्र नाथ ने मनीकंट्रोल के साथ हुई बातचीत में कही हैं। राघवेंद्रनाथ का ये भी मानना है कि अगर आप कैपेक्स साइकिल का फायदा उठाने के लिए प्राइवेट बैंकों में निवेश करना चाहते हैं तो ये गलत फैसला होगा। यहां हम आपके लिए राघवेंद्रनाथ से हुई लंबी बातचीत का संपादित अंश दे रहे हैं।

बाजार की सटीक भविष्यवाणी नामुमकिन

क्या आपको लगता है कि बाजार अधिकांश निगेटिव खबरों को पचा चुका है? इस सवाल का जवाब देते हुए राघवेंद्रनाथ ने कहा कि हम एक दम सही तौर पर कभी भी ये नहीं कह सकते कि बाजार किसी निगेटिव या पॉजिटिव खबर को पूरी तरह पचा चुका है। बाजार निवेशकों के सेंटीमेंट का पैमाना होता है जो खबरों के साथ ऊपर नीचे होता रहता है।

ग्लोबल मार्केट इस समय कुछ सीमा तक महंगाई, बढ़ती ब्याज दरों, यूक्रेन युद्ध और मंदी से जुडे़ निगेटिव न्यूज फ्लो पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है। लेकिन इनके बल पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। दूसरी तरफ भारत में पिछले कुछ महीनों के दौरान निगेटिव ग्लोबल खबरों पर कुछ रिऐक्शन देखने को मिला। लेकिन उसके बाद भारतीय बाजार में तेज रैली आई और इस समय ये अपने पिछले शिखर के करीब दिख रहा है।

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