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Daily Voice: घरेलू बाजार पर फोकस करने वाली ऑटो कंपनियों पर लगाएं दांव, बैंकों में भी अभी बाकी है दम

निराकार प्रधान ने कहा कि ग्लोबल मंदी की आशंका, बढ़ती महंगाई और अमेरिका सहित दूसरे देशों में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका इस समय बाजार के लिए सबसे बड़ी चुनौती नजर आ रहे हैं। भारतीय बाजार की बात करें तो पिछले कुछ समय से ग्रामीण क्षेत्रों की मांग पर दबाव देखने को मिल रहा है। जबकि पिछले साल के अधिकांश हिस्से में शहरी क्षेत्रों की खपत में मजबूती देखने को मिली थी

Sunil Matkarअपडेटेड Mar 11, 2023 पर 11:45 AM
Daily Voice: घरेलू बाजार पर फोकस करने वाली ऑटो कंपनियों पर लगाएं दांव, बैंकों में भी अभी बाकी है दम
Daily Voice: कंज्यूमर स्टेपल कंपनियों के लिए मांग की स्थिति कमजोर नजर आ रही है। ऐसे में कंज्यूमर स्टेपल सेगमेंट की कंपनियों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है

Daily Voice:ऑटो कंपनियों के एक्सपोर्ट पर दबाव बना हुआ है।ऑटो कंपनियों के बड़े बाजार अफ्रीका में मांग में कमी देखने को मिल रही है। इन बाजारों में मांग की स्थिति में सुधार आने में कुछ महीनों का समय लग सकता है। ये बातें फिनकस्तूरी इनवेस्टमेंट (Finkasturi Nivesh) के वेल्थबास्केट क्यूरेटर,फाउंडर और चीफ इनवेस्टमेंय एडवाइजर डॉ. निराकार प्रधान ने मनीकंट्रोल के साथ हुई एक बातचीत में कही हैं।

चार पहिया वाहनों की मांग में मजबूती

इसके विपरीत उनका मानना है कि घरेलू बाजार में ऑटो सेक्टर खासकर चार पहिया वाहनों की मांग में मजबूती बनी हुई है। बाजार में चार पहिया वाहनों के नए-नए मॉडल लॉन्च हो रहे हैं। साथ ही कंपनियों का ऑर्डर बैकलॉग भी काफी ज्यादा है। ऐसे में निवेशकों को सलाह होगी कि वो ऐसी ऑटो कंपनियों पर फोकस करें जो वर्तमान में घरेलू बाजार और इकोनॉमी पर ज्यादा निर्भर हैं। ये कंपनियां आगे जोरदार प्रदर्शन करती नजर आएंगी। जिससे निवेशकों को भी फायदा होगा।

 बैंकिंग शेयर आगे भी दिखाएंगे दम

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