Daily Voice : भारतीय बाजार एक स्ट्रक्चरल बुल रन के लिए तैयार है। भारतीय बाजार को देश के डेमोग्रॉफिक और डेमोक्रेटिक डिवीडेंड का फायदा मिलेगा। जिसके चलते निफ्टी 2024 के अंत तक 25000 का स्तर छूता दिख सकता है। दूसरी तिमाही में एग्री कमोडिटीज को छोड़कर सभी सेक्टरों की कॉर्पोरेट आय में मजबूती देखने को मिलेगी। बैंकिंग को छोड़कर बाजार ने वर्तमान स्तरों पर अधिकांश सेक्टरों के ग्रोथ अनुमान के पचा लिया है। हमारा मानना है कि वर्तमान स्तरों पर बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में निवेश के अच्छे मौके हैं। ये बातें आशिका ग्लोबल फैमिली ऑफिस सर्विसेज के को-फाउंडर अमित जैन ने मनीकंट्रोल के साथ हुए एक बातचीत में कहीं हैं।
बैंकिंग शेयरों में निवेश के अच्छे मौके
बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में 18 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले अमित जैन का मानना है कि वर्तमान स्तरों पर बैंकिंग शेयरों में निवेश के अच्छे मौके दिख रहे हैं। बाजार की आगे की संभावनाओं पर बात करते हुए अमित जैन ने कहा कि इस बात की बहुत बड़ी संभावना है कि निफ्टी कैलेंडर वर्ष 2024 के अंत तक 25000 का स्तर हिट कर ले। भारतीय बाजार में बहुत व्यापक संभावना है। ग्लोबल फंड मैनेजरों के पास भारत में निवेश करने के अलावा कोई दूसरा इससे अच्छा विकल्प नहीं है।
अमित जैन ने आगे कहा कि दुनिया के किसी भी दूसरे देश में भारत जैसी जोरदार जीडीपी ग्रोथ और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का संयोजन नहीं मिलेगा। इसके अलावा दुनिया की सबसे ऊंची बचत दर भी भारत को खास बनाता है। भारतीय शेयर बाजार अपने डेमोग्रैफिक और डेमोक्रेटिक डिवीडेंड के कारण एक स्ट्रक्चरल बुल रन के लिए तैयार है।
अगले 6 से 9 महीनों में ठंडी पड़ जाएगी महंगाई
अमित की राय है कि भारत में महंगाई अगले 6 से 9 महीनों में ठंडी पड़ जाएगी। अभी से अधिकांश सब्जियों की कीमतें कम होनी शुरू हो गई हैं। इसके अलावा सितंबर की नीति बैठक में ब्याज दर पर आरबीआई का रुख यूएस फेड की कार्रवाई से प्रभावित रहेगा। इसके अलावा सितंबर में आरबीई के फैसले पर बैंक ऑफ जापान और दूसरे यूरोपीय केंद्रीय बैंकों के एक्शन का भी असर देखने को मिलेगा।
रियल एस्टेट में अगले तीन साल तक जारी रहेगी तेजी
रियल एस्टेट सेक्टर पर बात करते हुए अमित ने कहा कि कोविड के बाद की अवधि में हमें दुनिया भर में रियल एस्टेट सेक्टर में अचानक तेजी देखने को मिली है। एक एसेट क्लॉस के रूप में रियल एस्टेट में इस तेजी का भारतीय रियल एस्टेट बाजार पर भी सकारात्मक असर पड़ा है। अमित का मानना है कि अगले कम से कम तीन सालों तक रियल एस्टेट में ये तेजी बनी रहेगी।
एनएसई के रियल एस्टेट इंडेक्स ने पिछले 6 महीने में करीब 33 फीसदी का रिटर्न दिया है। यह पूरे भारत में रियल एस्टेट कंपनियों में आई मजबूत ग्रोथ का असर। मीडियम से लॉन्ग टर्म में हमें अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस से जुड़ी कंपनियों में भी अच्छी तेजी देखने को मिलेगी।
ऑटो सेक्टर के मुकाबले बैंकिंग सेक्टर ज्यादा अच्छा
ऑटो सेक्टर पर अपनी राय देते हुए अमित ने कहा कि एनएसई ऑटो इंडेक्स ने पिछले छह महीने में 17 फीसदी का रिटर्न दिया है। इतनी जोरदार तेजी के बाद इस सेक्टर में हमें शॉर्ट से मीडियम अवधि में कुछ करेक्शन या कंसोलीडेशन देखने को मिल सकता है। इस समय महंगाई काफी ज्यादा है और अधिकांश भारतीय अपने होम लोन के लिए हाई ईएमआई का भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में भारतीय परिवारों के पास गैर-जरूरी खर्चे (discretionary consumptions) के लिए ज्यादा पैसे नहीं बच रहे हैं।
ऑटो सेक्टर ने काफी कम समय में काफी ज्यादा तेजी दिखाई है। अब इसमें करेक्शन या कंसोलीडेशन की उम्मीद नजर आ रही है। किसी कंसोलीडेशन या करेक्शन में लॉन्ग टर्म के नजरिए से ऑटो शेयरों में खरीदारी के मौके बनेंगे। अमित ने ये भी कहा कि इस समय उनको ऑटो सेक्टर के मुकाबले बैंकिंग सेक्टर ज्यादा अच्छा दिख रहा है।
चीन की अर्थव्यवस्था अपस्फीति चक्र में, दुनियाभर में दिखेगा असर
चीन की इकोनॉमिक स्थिति पर बात करते हुए अमित ने कहा कि पब्लिक डोमेन में उपलब्ध आंकड़ों से ऐसा लगता है कि चीन की अर्थव्यवस्था अपस्फीति चक्र (deflationary cycle) में फंस गई है। पिछले 20 सालों में ऐसा देखने को नहीं मिला था। अगर चीन अर्थव्यवस्था इस चक्र से जल्दी उबर नहीं पाई तो इसका असर दुनिया की सभी अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा। हाल ही में चीन के केंद्रीय बैंक ने अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दर में 15 बीपीएस की कटौती की थी। इसका मध्यम से लंबी अवधि में सकारात्मक असर पड़ेगा।
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