Daily Voice : इस महीने कंपनियों के सितंबर तिमाही के नतीजे आने वाले हैं। ऐसे में जूलियस बेयर इंडिया (Julius Baer India) के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर और रिसर्च एनालिस्ट मिलिंद मुछाला ( Milind Muchhala) का कहना है कि अगर सितंबर तिमाही के नतीजों से कोई अच्छी खबर आती है और इसके चलते वार्षिक अनुमानों में बढ़ोतरी होती है तो बाजार इसका स्वागत करेगा। इससे बाजार में नई तेजी देखने को मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि बाजार की नजरें वित्त वर्ष 2024 की दूसरी छमाही के आउटलुक पर भी रहेंगी। शॉर्ट टर्म में बाजार की दिशा तय करने में इसकी अहम भूमिका होगी।
इक्विटी रिसर्च, कंसल्टेंसी और वेल्थ मैनेजमेंट का 20 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले मिलिंद का मानना है कि डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर निवेश के लिहाज से काफी अच्छा दिख रहा है। इसमें अगले कुछ वर्षों में जोरदार तेजी देखने को मिलेगा।
रेलवे, डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर बात करते हुए मिलिंद ने कहा कि डिफेंस, रेलवे और इंफ्रा के ये तीन थीम लॉन्ग टर्म के लिए काफी अच्छे दिख रहे हैं। ये भारत की लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी से जुड़े हुए हैं। आयात पर निर्भरता कम करने और निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार घरेलू मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस कर रही है। भारत में दुनिया के दूसरे बड़े देशों की तुलना में इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला खर्च कम है। देश में बुनियादी ढ़ांचे को मजबूती देने के लिए इंफ्रा पर होने वाला खर्च बढ़ रहा है। बढ़ते शहरीकरण के अलावा, सड़क, बंदरगाह, बिजली उत्पादन और टी एंड डी जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की उम्मीद है।
इसके अलावा हाल में हुई जियोपोलिटिकल घटनाओं और रेलवे दुर्घटनाओं के कारण डिफेंस और रेलवे में खर्च बढ़ रहा है। साथ ही इनमें निवेश के अवसर भी बढ़ रहे हैं। हाालंकि इन सेक्टर के शेयरों में पिछली 3-4 तिमाहियों में काफी ज्यादा बढ़त देखने को मिली है। हाल के दिनों में इनको अपने पिछले ख़राब प्रदर्शन के कारण कम ओनरशिप और तुलनात्मक रूप से सस्ते वैल्यूएशन का फायदा मिला है। इतना भागने के बाद अब इन शेयरों में शॉर्ट टर्म में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। लेकिन इन सेक्टरों में अभी भी ऐसे कई शेयर हैं जिनको किसी करेक्शन में लंबे नजरिए से खऱीदना चाहिए।
मिडकैप सेगमेंट में एक थीम जहां आप एक्सपोजर बढ़ाना चाहते हैं? इस सवाल पर मिलिंद ने कहा कि आयात पर निर्भरता कम करने और निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार घरेलू मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस कर रही है। आगे इनमें ग्रोथ की व्यापक संभावना है। निवेशकों को इंजीनियरिंग, ऑटो और ऑटो एंसिलरी, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (ईएमएस), केमिकल, फार्मा, कपड़ा, डिफेंस से जुड़ी ऐसी कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए। इनको घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और स्वदेशीकरण पर सरकार के बढ़ते फोकस से फायदा होने की संभावना है।
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