Market outlook : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी आज 3 अक्टूबर को गिरावट के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 19550 के नीचे फिसल गया है। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 316.31 अंक या 0.48 फीसदी गिरकर 65512.10 पर और निफ्टी 109.50 अंक या 0.56 फीसदी टूटकर 19,528.80 पर बंद हुआ है। लगभग 1816 शेयर बढ़े हैं। वहीं, 1817 शेयरों में गिरावट आई है। जबकि 189 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ओएनजीसी, आयशर मोटर्स, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, मारुति सुजुकी और डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज निफ्टी के टॉप लूजर रहे हैं। जबकि टाइटन कंपनी, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, बजाज फिनसर्व और अदानी पोर्ट्स निफ्टी के टॉप गेनर रहे हैं।
सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो एफएमसीजी, ऑटो, पावर, मेटल और तेल एवं गैस 0.5-1 फीसदी गिरे हैं, जबकि पीएसयू बैंक इंडेक्स 2.3 फीसदी और कैपिटल गुड्स इंडेक्स 1 फीसदी ऊपर बंद हुआ है। बीएसई मिडकैप इंडेक्स सपाट बंद हुआ है। जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 फीसदी बढ़त के साथ बंद हुआ है। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी आज कमजोरी के साथ बंद हुआ है। रुपया आज शुक्रवार के 83.04 के मुकाबले 16 पैसे कमजोर होकर 83.20 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ है।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के विनोद नायर का कहना है कि यूएस बॉन्ड यील्ड में बढ़त और डॉलर में बढ़ती मजबूती के चलते भारतीय बाजारों से एफआईआई की निकासी जारी है जिसके चलते बाजार में कंसोलीडेशन हो रहा है। हालांकि तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को कुछ सपोर्ट मिल सकता है। कोर सेक्टर के आउटपुट में बढ़त के साथ ही देश में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की गतिविधियों में भी इजाफा हुआ है। मिलेजुले मंथली सेल्स आंकड़ों के चलते ऑटो शेयरों में गिरावट आई है। जबकि लगभग सामान्य के आसपास रहने वाला मानसून शॉर्ट टर्म में खपत के वाले सेक्टरों के लिए अच्छा संकेत है।
4 अक्टूबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
प्रोग्रेसिव शेयर्स के निदेशक आदित्य गग्गर का कहना है कि भारतीय बाजारों ने हफ्ते की शुरुआत धीमी चाल के साथ की। दिन के दौरान रिकवरी की कोशिश भी देखने को मिली लेकिन बाजार ऊपरी स्तरों पर ज्यादा देर तक नहीं टिक सके। दिन के अंत में निफ्टी 109.55 अंकों की गिरावट के साथ 19528.75 पर बंद हुआ। निफ्टी ने आज बियरिश कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया है। लेकिन वर्तमान में यह 19450 के अपने मजबूत सपोर्ट स्तर के करीब है। इस स्तर से नीचे बंद होने पर निफ्टी 19200 तक गिर सकता है। इसके लिए तत्काल रजिस्टेंस 19630 पर है। वहीं, अगर निफ्टी को तेजी पकड़नी है तो फिर उसे 19730 के ऊपर एक मजबूत क्लोजिंग देनी होगी।
कोटक सिक्योरिटीज के श्रीकांत चौहान का कहना है कि इस हफ्ते होने वाली आरबीआई एमपीसी की बैठक से पहले निवेशकों अपने एक्सपोजर को कम करते दिख रहे हैं। पूरे कारोबारी सत्र के दौरान बाजार कमजोर स्थिति में रहा। ट्रेडर्स ने ऑटो मोबाइल, तेल एवं गैस और मेटल शेयरों में अपनी पोजीशन हल्की कर दी है। मजबूत डॉलर का एक बार फिर रुपये पर भारी असर पड़ा है। जिसके चलते विदेशी निवेशकों ने एक बार फिर भारतीय इक्विटी मार्केट की लगाम खींच ली है।
यहां तक कि सितंबर के मजबूत जीएसटी कलेक्शन आंकड़े भी निवेशकों को उत्साहित करने में विफल रहे हैं। ग्लोबल संकेत हमारे बाजारों का रुझान तय कर रहे हैं। तकनीकी रूप से देखें तो निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक बियरिश कैंडलिस्टिक पैटर्न बनाया है। इंट्राडे चार्ट पर यह अभी भी लोअर टॉप फॉर्मेशन को बनाए हुए है। ये काफी हद तक निगेटिव संकेत है।
अब तेजड़ियों के लिए 19580 पर पहला रजिस्टेंस है। इससे पार पाने पर निफ्टी 19700-19725 तक जा सकता है। दूसरी ओर 19450 और 19480 के स्तर ट्रेडर्स के लिए मजबूत सपोर्ट का काम करेंगे। 19450 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ने की संभावना है और इंडेक्स 19375-19350 तक फिसल सकता है।
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