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Daily Voice | बजट के पहले बाजार छू सकता है नया हाई, निवेश के लिए डिफेंसिव सेक्टर पर रहे फोकस- दीपक जसानी

दीपक जसानी का कहना है कि यह अपने एसेट और इक्विटी पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करने का सही समय है। जब तक ग्लोबल ग्रोथ को लेकर स्थितियां साफ नहीं हो जाती तब तक फार्मा, आईटी और एफएमसीजी जैसे डिफेंसिव सेक्टर फोकस में रहेंगे।

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 09, 2021 पर 11:20 PM
Daily Voice | बजट के पहले बाजार छू सकता है नया हाई, निवेश के लिए डिफेंसिव सेक्टर पर रहे फोकस- दीपक जसानी
इस बजट में सरकार क्रिप्टो गेन पर टैक्स लगा सकती है जिससे की क्रिप्टो में लगने वाले फंड को इक्विटी मार्केट की तरफ मोड़ा जा सकते।

HDFC Securities के दीपक जसानी ने बाजार की दशा और दिशा पर बात करते हुए मनीकंट्रोल से हुई खास बातचीत में कहा कि बाजार में कुछ ऐसे निगेटिव फैक्टर हैं जो इसकी तेजी पर ब्रेक लगा सकते हैं। इसमें दरों में बढ़ोतरी और लिक्विडिटी में कटौती जैसे कारण शामिल हैं। अगर यह नेगेटिव फैक्टर ट्रिगर नहीं होते हैं तो यूनियन बजट के पहले बाजार हमें नई ऊंचाई नापता नजर आएगा।

दीपक जसानी का कहना है कि यह अपने एसेट और इक्विटी पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करने का सही समय है। जब तक ग्लोबल ग्रोथ को लेकर स्थितियां साफ नहीं हो जाती तब तक फार्मा, आईटी और एफएमसीजी जैसे डिफेंसिव सेक्टर फोकस में रहेंगे।

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आरबीआई की कल की पॉलिसी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह उम्मीद के अनुरुप ही रही है। आरबीआई कमिटी का साफ फोकस ब्याज दरों को निचले स्तर पर बनाए रखनें और लिक्विडिटी जारी रखने के साथ ग्रोथ को बढ़ावा देने पर बना हुआ है। जिसको ध्यान में रखते हुए ही आरबीआई ने दुनियाभर में इन्फ्लेशन और कमोडिटी की कीमतों में बढ़त के बावजूद ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और अपने रुख में नरमी कायम रखी है। हालांकि आरबीआई बदलती स्थितियों के हिसाब से आगे सरप्लस लिक्विडिटी जैसी स्थित को मैनेज करने के लिए जरुर कदम उठा सकती है। अगर कोरोना का ओमिक्रोन वैरिएंट बहुत घातक साबित नहीं होता है तो फरवरी में रिवर्स रेपो रेट में बढ़ोतरी हो सकती है।

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