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Daily Voice : न्यू एनर्जी और पावर सेक्टर नई ऊंचाई छूने को तैयार, कच्चे तेल की तेजी शॉर्ट टर्म में करेगी परेशान

Daily Voice : क्वांटिटेटिव रिसर्च और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट का 9 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाली सोनम श्रीवास्तव का कहना है कि जैसे-जैसे नतीजों का मौसम नजदीक आ रहा है कैपिटल गुड्स, मेटल, फार्मा, आईटी और कंज्यूमर स्टेपल जैसे सेक्टर निवेशकों के लिए कमाई के अच्छे मौके दे रहे हैं। इस सेक्टरों के नतीजे और आगे के गाइडेंस अच्छे रहने वाले हैं। सोनम का मानना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें शॉर्ट टर्म में इक्विटी बाजार के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 30, 2023 पर 1:44 PM
Daily Voice : न्यू एनर्जी और पावर सेक्टर नई ऊंचाई छूने को तैयार, कच्चे तेल की तेजी शॉर्ट टर्म में करेगी परेशान
Daily Voice : सोनम का मानना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें शॉर्ट टर्म में इक्विटी बाजार के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती हैं। जैसे ही तेल की कीमतें बढ़ती हैं, महंगाई की चिंता बढ़ जाती है। कच्चा तेल कई सेक्टरों के लिए सबसे बड़ा इनपुट लागत है

Daily Voice : राइट रिसर्च, पीएमएस की फाउंडर और फंड मैनेजर सोनम श्रीवास्तव ने मनीकंट्रोल को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "ऊर्जा परिवर्तन (energy transition) और पावर स्पेस निवेश के नजरिए से काफी अच्छे नजर आ रहे हैं। आगे इनमें ग्रोथ की काफी व्यापक संभावना है। पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे में जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल डीजल) से रिन्यूएबल एनर्जी स्रोतों की ओर तेजी से बदलाव अनिवार्य जरूरत बनता जा रहा है"। सोनम का मानना है कि यह बदलाव नई खोजों, निवेश और ग्रोथ के लिए व्यापक अवसर पेश कर रहा है।

क्वांटिटेटिव रिसर्च और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट का 9 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाली सोनम श्रीवास्तव का कहना है कि जैसे-जैसे नतीजों का मौसम नजदीक आ रहा है कैपिटल गुड्स, मेटल, फार्मा, आईटी और कंज्यूमर स्टेपल जैसे सेक्टर निवेशकों के लिए कमाई के अच्छे मौके दे रहे हैं। इन सेक्टरों के नतीजे और आगे के गाइडेंस अच्छे रहने वाले हैं।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें शॉर्ट टर्म में कर सकती हैं परेशान

सोनम का मानना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें शॉर्ट टर्म में इक्विटी बाजार के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती हैं। जैसे ही तेल की कीमतें बढ़ती हैं, महंगाई की चिंता बढ़ जाती है। कच्चा तेल कई सेक्टरों के लिए सबसे बड़ा इनपुट लागत है। महंगाई का दबाव कंपनियों मुनाफे को कम कर सकता है। इससे स्टॉक का वैल्यूएशन कम हो सकता है। इसके अलावा भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का देश के खजाने पर तुरंत असर आता है।

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