Daily Voice: टेक्निकली हम कभी बीयर मार्केट में थे ही नहीं और अभी भी हम हेल्दी बुल मार्केट में हैं-संदीप भारद्वाज

अगर क्रूड ऑयल की कीमतों मे गिरावट जारी रहती है और मॉनसून सामान्य रहता है तो शॉर्ट टर्म में भारत में महंगाई में और कमी आती नजर आएगी। हालांकि ग्लोबल मार्केट की बात करें तो मीडियम टर्म के नजरिए से अभी भी महंगाई का डर खत्म नहीं हुआ है

अपडेटेड Aug 22, 2022 पर 3:33 PM
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अगले कैलेंडर ईयर में सेंसेक्स 300 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के आसपास कंसोलिडेट होता नजर आएगा। इस स्थिति में सेंसेक्स हमें 65000 के आसपास आता नजर आ सकता है

IIFL Securities के रिटेल ब्रोकिंग सीईओे संदीप भारद्वाज ने मनीकंट्रोल से बाजार की आगे की दशा और दिशा पर बात करते हुए कहा कि पिछले दो महीनों की जोरदार तेजी के बाद अब शॉर्ट टर्म बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। इस तेजी के बाद बाजार में अब ये छोटी गिरावट की संभावना दिख रही है। उन्होंने ये भी कहा कि इस गिरावट को लम्बी अवधि के लिए क्वालिटी शेयरों में खरीदारी के मौके के तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए।

इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि टेक्निकली हम कभी भी बियर मार्केट में थे ही नहीं और अभी भी हम हेल्दी बुल मार्केट में हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऐसा लग रहा है कि महंगाई अपने शिखर पर पहुंच रही है। आरबीआई का वित्त वर्ष 2023 का महंगाई अनुमान भी 6.7 फीसदी पर बरकरार है। अगर क्रूड ऑयल की कीमतों मे गिरावट जारी रहती है और मॉनसून सामान्य रहता है तो शॉर्ट टर्म में भारत में महंगाई में और कमी आती नजर आएगी। हालांकि ग्लोबल मार्केट की बात करें तो मीडियम टर्म के नजरिए से अभी भी महंगाई का डर खत्म नहीं हुआ है।

क्या अगले कैलेंडर ईयर में बीएसई का मार्केट कैप 350 लाख करोड़ रुपये का लेवल पार कर जाएगा? इस सवाल का जबाव देते हुए संदीप भारद्वाज ने कहा कि जब सेंसेक्स 60000 पर ट्रेड कर रहा था तब इसका मार्केट कैप 280 लाख करोड़ रुपये था। इस हिसाब से देखें तो 350 लाख करोड़ का मार्केट कैप हासिल करने के लिए सेंसेक्स को 75000 का लेवल छूना होगा।


हमारा मानना है कि ग्लोबल मुश्किलों को देखते हुए इतना आशावादी होना ठीक नहीं है। हमारा मानना है कि अगले कैलेंडर ईयर में सेंसेक्स 300 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के आसपास कंसोलिडेट होता नजर आएगा। इस स्थिति में सेंसेक्स हमें 65000 के आसपास आता नजर आ सकता है।

महंगे हो चुके बाजार में ऊपरी स्तरों पर बिकवाली संभव, अब जेब में रख लें कुछ मुनाफा

भारतीय बाजारों की तरफ एक बार फिर एफआईआई का रुख होने से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए संदीप भारद्वाज ने कहा कि वित्त वर्ष 2023 में भारत दुनिया की सबसे तेजी से ग्रोथ करने वाली इकोनॉमी होगा। इसके साथ ही देश में मंदी की जीरो प्रतिशत संभावना है। ऐसे में विदेशी निवेशक भारतीय बाजार को तुलनात्मक रूप से ज्यादा सुरक्षित मानते हुए यहां अपना निवेश कर रहे हैं।

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