Daily Voice : यूटीआई एसेट मैनेजमेंट (UTI Asset Management) के इक्विटी हेड और फंड मैनेजर अजय त्यागी का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस समय मजबूत दिखा रही है और बाजार ने इसे भुनाया भी है। जिसके चलते औसत से ज्यादा वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। मनीकंट्रोल के साथ हुई बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि UTI AMC की राय है कि साल 2024 में इक्विटी मार्केट में कंसोलीडेशन देखने को मिलेगा।
इक्विटी रिसर्च, ऑफशोर फंडों के साथ-साथ घरेलू फंडों में काम करने के दो दशकों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले अजय त्यागी का कहना है कि यूटीआई एएमसी के अधिकांश फंडों का टेक्वनोलॉजी सेक्टर पर 'ओवरवेट' कॉल है। ये इन कंपनियों की लॉन्ग टर्म संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। अमेरिका से आने वाले हाई फ्रीक्वेंसी आर्थिक आंकड़ों से घबराने के बजाय ये फंड टेक्वनोलॉजी सेक्टर पर मिड से लॉन्ग टर्म के लिए बुलिश हैं।
2024 के लिए बाजार के आउटलुक पर बात करते हुए अजय त्यागी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था निश्चित रूप से इस समय बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है, लेकिन बाजार ने पहले ही इसके असर को पचा लिया। जिसके चलते हमारे बाजार एवरेज से ज्यादा वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं। एक ओर, जहां मिडकैप और स्मॉलकैप अपने अपने लॉन्ग टर्म एवरेज से काफी ज्यादा बढ़त पर कारोबार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर, लार्जकैप भी मामूली बढ़त पर कारोबार कर रहे हैं। यह बाज़ारों के आगे बढ़ने के लिए एक बेस के रूप में काम करेगा।
हालांकि इस समय लार्जकैप इस स्तर पर स्मॉलकैप और मिडकैप की तुलना में काफी बेहतर रिस्क रिवॉर्ड रेशियो पेश कर रहे हैं। लेकिन लार्जकैप की बढ़त भी सीमित होगी। ऐसे में सबसे अच्छा अनुमान यही है कि 2024 कंसोलीडेशन का साल हो सकता है।
प्राइमरी मार्केट पर बात करते हुए अजय त्यागी ने कहा कि 2023 में प्राथमिक बाजार अब तक के सबसे मजबूत बाजार रहे हैं। इस साल आईपीओ, क्यूआईपी और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा प्लेसमेंट द्वारा जुटाई गई धनराशि बेहद मजबूत रही है। ऐसा लगता है कि 2024 भी प्राइमरी मार्केट के लिए मजबूत होना चाहिए। 2024 में टेक्नोलॉजी कंपनियों के आईपीओ में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।
पीएसयू शेयरों पर बात करते हुए अजय त्यागी ने कहा कि पीएसयू भारत में कई उद्योगों और क्षेत्रों के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे उन्हें एक ही चश्में से नहीं देखा जा सकता। एक सेक्टर जहां लगता है कि पीएसयू मजबूत ग्रोथ करेंगे वह है डिफेंस सेक्टर। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस सेक्टर में सरकार स्वदेशीकरण पर बहुत ज्यादा जोर दे रही है। इसके अलावा इस सेक्टर में पीएसयू की उपस्थिति प्राइवेट सेक्टर के मुकाबले बहुत ज्यादा भी है।
लेकिन दूसरे सेक्टरों की बात करें तो बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज, पावर यूटिलिटीज, मेटल और माइनिंग आदि में निजी क्षेत्र की कंपनियां मध्यम से लंबी अवधि के नजरिए पीएसयू कंपनियों की तुलना में बेहतर ग्रोथ और मुनाफा दे सकती हैं।
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