ज़ोमैटो के फाउंडर दीपिंदर गोयल स्पेस टेक स्टार्टअप कलाम लैब्स में लगभग 10 लाख डॉलर (लगभग 9 करोड़ रुपए) इन्वेस्ट करने के एडवांस्ड स्टेज में हैं। इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया की इटरनल के पूर्व CEO डीपटेक कंपनियों में अपना इन्वेस्टमेंट बढ़ा रहे हैं। इसके पहले दीपिंदर गोयल के स्पेस टेक स्टार्टअप Pixxel, वियरेबल टेक कंपनी Temple, LAT Aerospace और लॉन्गटविटी पर फोकस करने वाले इनिशिएटिव Continue में इन्वेस्टमेंट कर चुके हैं। दीपिंदर गोयल फ्रंटियर टेक्नोलॉजी में अपना इन्वेस्ट बढ़ाना चाहते हैं।
लखनऊ की कलाम लैब्स (Kalam Labs) में Lightspeed, Y Combinator और कई दूसरे निवेशकों का भी निवेश है। सूत्रों के मुताबिक कलाम लैब्स में दीपिंदर गोयल का इन्वेस्टमेंट 50-70 लाख डॉलर के बड़े फंड रेजिंग राउंड का हिस्सा है, जिसमें Globaz Technologies जैसे दूसरे इन्वेस्टर भी हिस्सा ले सकते हैं।
कलाम लैब्स ड्रोन या अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV) बनाती है, जो स्ट्रैटोस्फियर में उड़ते हैं। इसके ड्रोन दूसरे मिलते-जुलते प्रोडक्ट्स की रेंज के मुकाबले ज़्यादा ऊंचाई तक उड़ते हैं। कलाम लैब्स, दीपिंदर गोयल और ग्लोबाज टेक्नोलॉजीज ने अभी तक इस मामले में मनीकंट्रोल के सवालों का जवाब नहीं दिया। ग्लोबाज टेक्नोलॉजीज एक डीप टेक इन्वेस्टर है। हाल ही में, इसने स्पेसफील्ड्स के 50 लाख डॉलर के फंडिंग राउंड में हिस्सा लिया।
किसने शुरू की कलाम लैब्स ?
2018 में शुरू हुई इस कंपनी को हर्षित अवस्थी,सशक्त त्रिपाठी और अहमद फ़राज़ चलाते हैं। इन सभी ने 2022 के आसपास बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (BITS),पिलानी से ग्रेजुएशन किया है। कंपनी ने बच्चों के लिए लाइव साइंस क्लास स्ट्रीम करने वाले एक एजुटेनमेंट प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर शुरुआत की थी,लेकिन आखिरकार ऐसे ड्रोन बनाने पर फोकस किया जिनका थर्मल सिग्नेचर कम से कम हो और जो स्पेस के पास की ऊंचाई पर काम करें। इससे उनके ड्रोन का रडार से पता लगाना या आसमान से मार गिराना मुश्किल हो जाता है। पिछले 12 महीनों से, ऑपरेशन सिंदूर की वजह से भारत में ड्रोन टेक स्टार्टअप्स ने ज़ोर पकड़ा है। ड्रोन युद्ध और डिफेंस में अहम भूमिका निभा रहे हैं।