Global Chip Shortage : पश्चिम एशिया में तचल रहे युद्ध के चलते चिप सप्लाई पर असर की आशंका है। इस वजह से आज ऑटो शेयरों तगड़ी बिकवाली देखने को मिली है। दरअसल, युद्ध के चलते ताइवान को नैचुरल गैस की आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। इससे ग्लोबल चिप सप्लाई पर संकट के बादल नजर आ रहे हैं। ताइवान की चिप इंडस्ट्री में एनर्जी की काफी खपत होती है। ताइवान पावर के लिए इंपोर्टेड नैचुरल गैस पर निर्भर है। ताइवान के कुल नैचुरल गैस आपूर्ति में कतर का 37 फीसदी हिस्सा है। होर्मुज स्ट्रेट पर आवाजाही ठप होने से नैचुरल गैस सप्लाई पर असर पड़ा है। पावर सप्लाई में दिक्कत से चिप प्रोडक्शन पर असर मुमकिन है।
ताइवान और ग्लोबल चिप मार्केट
ताइवान दुनिया के 90 फीसदी से अधिक सबसे एडवांस सेमीकंडक्टर बनाता है। ताइवान में उत्पादन 10 फीसदी घटने से 6–8 हफ्ते में चिप की कमी संभव है। इस बीच मेमोरी चिप्स DRAM और NAND की स्पॉट कीमतें बढ़ीं हैं। किसी शॉर्टेज के बिना ही मेमोरी चिप्स के प्राइस बढ़ने लगे हैं।
चिप की चिंता, टेंशन में ऑटो सेक्टर
चिप की सप्लाई से जुड़ी चिंता के चलते ऑटो सेक्टर टेंशन में दिख रहा है। बता दें कि हर कार में 1000–3000 चिप्स लगते हैं। EVs में तो 5000 से ज्यादा चिप्स का इस्तेमाल होता है। चिप शॉर्टेज से कारों के प्रोडक्शन पर असर संभव है। ऐसे में मारुति,टाटा मोटर्स M&M और Hyundai प्रोडक्शन घटा सकते हैं। CV सेगमेंट पर भी इसका असर संभव है। 2021–22 में चिप शॉर्टेज से 77 लाख यूनिट पर असर पड़ा था।
वेस्ट एशिया संकट से चिप सप्लाई पर असर की आशंका से ऑटो शेयरों में तगड़ी बिकवाली आई है। ऑटो शेयरों में टाटा मोटर्स पैसेंजर, MARUTI, और M&M 4% से ज्यादा गिरे हैं। साथ ही बजाज ऑटो,अशोक लेलैंड,भारत फोर्ज,आयशर और संवर्धन मदरसन भी 4 फीसदी से ज्यादा नीचे हैं।
चिप की सप्लाई में दिक्कत आने से EMS प्लेयर्स की मुश्किलें बढ़ेंगी। मेमोरी चिप्स की प्राइस बढ़ने से इनकी मार्जिन पर असर संभव है। ऐसे में हमें Dixon Tech, Kaynes, Syrma SGS और Amber Ent जैसे शेयरों पर दबाव देखने को मिल सकता है।
हार्डवेयर कंपनियों पर असर
हार्डवेयर कंपनियों की भी चिप इंपोर्ट पर काफी निर्भरता है। चिप की कमी से इनकी लागत बढ़ सकती है। TV, लैपटॉप, स्मार्टफोन जैसे प्रोडक्ट की कीमत बढ़ सकती है।
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