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डिफेंस शेयरों में तेजी, सरकार ने ₹80,000 करोड़ के डील को दी मंजूरी, 4% तक उछले HAL और मझगांव डॉक

Defence Stocks: डिफेंस कंपनियों के शेयरों में आज 10 अक्टूबर को बड़ी तेजी देखने को मिली। हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयर शुरुआती कारोबार में 4 प्रतिशत तक उछल गए। यह तेजी इस खबर के बाद आई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट सुरक्षा समिति (CCS) ने लगभग 80,000 करोड़ रुपये के रक्षा सौदों को मंजूरी दी है

Moneycontrol Newsअपडेटेड Oct 10, 2024 पर 11:24 AM
डिफेंस शेयरों में तेजी, सरकार ने ₹80,000 करोड़ के डील को दी मंजूरी, 4% तक उछले HAL और मझगांव डॉक
Defence Stocks: कैबिनेट सुरक्षा समिति ने अमेरिका से 31 प्रिडेटर ड्रोन खरीदने के सौदे को मंजूरी दी है

Defence Stocks: डिफेंस कंपनियों के शेयरों में आज 10 अक्टूबर को बड़ी तेजी देखने को मिली। हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयर शुरुआती कारोबार में 4 प्रतिशत तक उछल गए। यह तेजी इस खबर के बाद आई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट सुरक्षा समिति (CCS) ने लगभग 80,000 करोड़ रुपये के रक्षा सौदों को मंजूरी दी है। इन सौदों में अमेरिका से 31 प्रिडेटर ड्रोन की खरीद और विशाखापत्तनम के शिप बिल्डिंग सेंटर में दो परमाणु-संचालित पनडुब्बियों को बनाने का प्रस्ताव शामिल है।

31 प्रिडेटर ड्रोन खरीदने की मंजूरी

कैबिनेट सुरक्षा समिति ने अमेरिका से 31 प्रिडेटर ड्रोन खरीदने के सौदे को मंजूरी दी है। इस सौदे के तहत भारत को 31 हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस (HALE) ड्रोन (UAVs) मिलेंगे। इनमें से 15 'सीगार्जियन' ड्रोन भारतीय नौसेना को मिलेंगे, जबकि आर्मी और भारतीय वायुसेना को 8-8 'स्काइगार्जियन' ड्रोन मिलेंगे। इस सौदे का मुख्य उद्देश्य भारत की समुद्री निगरानी और सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाना है, खासकर चीन के साथ लगने वाली वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर।

नौसेना को मिलेंगी 2 परमाणु-संचालित पनडुब्बियां

दूसरा बड़ा सौदा विशाखापत्तनम में दो परमाणु-संचालित हमलावर पनडुब्बियों के निर्माण को लेकर है। यह परियोजना लगभग 45,000 करोड़ रुपये की होगी, जो भारतीय नौसेना की निगरानी क्षमताओं को बढ़ाएगी। इन पनडुब्बियों का उद्देश्य हिंद महासागर में भारत की क्षमताओं को मजबूत करना है।

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