Get App

Diwali Muhurat Trading 2025: इस बार NSE और BSE पर शाम की बजाय दोपहर में क्यों रखी गई है मुहूर्त ट्रेडिंग

Diwali Muhurat Trading 2025: निवेशक इस स्पेशल सेशन को अपने पोर्टफोलियो में समृद्धि और सफलता लाने के अवसर के रूप में देखते हैं। 1 घंटे की मुहूर्त ट्रेडिंग में निवेशकों को इक्विटी, डेरिवेटिव, करेंसी और SLB में ट्रेड करने का अवसर मिलेगा

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Oct 17, 2025 पर 11:28 AM
Diwali Muhurat Trading 2025: इस बार NSE और BSE पर शाम की बजाय दोपहर में क्यों रखी गई है मुहूर्त ट्रेडिंग
पिछले 16 सालों में से 13 बार इस विशेष सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए हैं।

हर साल दिवाली पर भारतीय शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग का सेशन रखा जाता है। यह सेशन निवेशकों के लिए शुभ अवसर माना जाता है और इसकी परंपरा कई सालों से चली आ रही है। वैसे तो दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग शाम को होती है, लेकिन इस साल यह दोपहर में रखी गई है। NSE और BSE पर 21 अक्टूबर 2025 को मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन की टाइमिंग दोपहर 1:45 बजे से लेकर 2:45 बजे तक यानि कि एक घंटे की है। इसके अलावा, दोपहर 1:30 से 1:45 तक प्री-ओपन सेशन भी रहेगा, जिससे ट्रेडर्स ट्रेडिंग के लिए तैयारी कर सकेंगे।

अब सवाल यह उठता है कि आखिर इस स्पेशल सेशन को शाम से दोपहर में क्यों शिफ्ट किया गया। कहा जा रहा है कि शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग की टाइमिंग में बदलाव का कारण कार्तिक अमावस्या तिथि के खत्म होने का वक्त है। कार्तिक अमावस्या 20 अक्टूबर को दोपहर 3:44 बजे से शुरू होकर 21 अक्टूबर को शाम 5:54 बजे खत्म होगी। दिवाली कार्तिक मास की अमावस्या को ही मनाई जाती है। इसलिए मुहूर्त ट्रेडिंग की नई ​टाइमिंग इसी तिथि के अनुरूप है।

कुछ जानकार देख रहे हैं अलग लॉजिक

वहीं कुछ लोगों का कहना है कि मुहूर्त ट्रेडिंग को दोपहर में शिफ्ट किया जाना लंबे वक्त से चल रही मांग और कामकाज को आसान बनाने की पहल का भी असर है। ब्रोकिंग इंडस्ट्री एक्सचेंजों, क्लियरिंग कॉरपोरेशंस और डिपॉजिटरीज को इस सेशन की टाइमिंग्स दोपहर में शिफ्ट करने पर विचार करने के लिए मनाने की कोशिश कर रही थी। ब्रोकर्स ने एक्सचेंजों और क्लियरिंग कॉरपोरेशंस को लिखे लेटर में मांग की थी कि या तो दिवाली स्पेशल सेशन को दोपहर में शिफ्ट किया जाए या मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन के लिए पोस्ट-ट्रेड कंप्लायंस रिक्वायरमेंट्स में ढील दी जाए।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें