हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार तीसरी बार राज्य की सत्ता में आती दिख रही है। 90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 48 सीटों पर जीत हासिल की है, वहीं कांग्रेस के खाते में38 सीटों पर आगे है। माना जा रहा है कि अगर हरियाणा में बीजेपी फिर से सत्ता में लौटती है तो मार्केट सेंटिमेंट बूस्ट हो सकता है।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा, "हरियाणा चुनाव के नतीजे निश्चित रूप से बाजार के लिए सकारात्मक हैं। इसकी उम्मीद नहीं थी, खासकर तब जब एग्जिट पोल में कांग्रेस की जीत का संकेत दिया गया था। लगातार दो कार्यकालों तक सत्ता में रहने के बाद भाजपा का यह मजबूत प्रदर्शन एक निश्चित स्थिरता को दर्शाता है।"
वोटों की गिनती के बीच शेयर बाजार में दिखा अच्छा उछाल
पिछले 6 कारोबारी सत्रों से दबाव झेल रहे बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में 8 अक्टूबर को अच्छा उछाल देखने को मिला। दिन में सेंसेक्स 713 अंक तक उछल गया। वहीं निफ्टी 248 पॉइंट तक चढ़ गया। लगभग 2,608 शेयरों में तेजी देखने को मिली। 832 शेयरों में गिरावट आई और 74 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में फंडामेंटल रिसर्च-इनवेस्टमेंट सर्विसेज के हेड नरेंद्र सोलंकी ने कहा, "हरियाणा चुनाव के नतीजे बाजार के पॉजिटिव सेंटिमेंट के पीछे एक एक कारण हो सकते हैं, लेकिन यह एकमात्र कारण नहीं है। हालांकि यह दिन के आशावाद को बढ़ाता है, क्योंकि केंद्र सरकार अच्छा प्रदर्शन कर रही है, और ऐसा लग रहा है कि हरियाणा में मौजूदा सरकार तीसरा कार्यकाल हासिल करने के लिए तैयार है।"
निवेशकों के सेंटिमेंट पर बहुत ज्यादा असर की संभावना नहीं
दूसरी ओर कुछ मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि हरियाणा चुनाव के नतीजे निवेशकों की भावना को बहुत ज्यादा प्रभावित नहीं कर सकते हैं। पश्चिम एशिया संकट के कारण तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक मौद्रिक नीति में बदलाव सहित कई चुनौतियों के कारण भारतीय बाजार का ध्यान इन बड़ी चिंताओं पर ही रहेगा।