अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ का असर मार्केट पर जितना पड़ना था, उतना पड़ चुका है। अब आने वाली खबरें उतनी बुरी नहीं होगी। व्हाइट ओक कैपिटल के फाउंडर प्रशांत खेमका का यह मानना है। उन्होंने कहा कि भविष्य की घटनाओं का असर मार्केट पर पहले ही पड़ जाता है। उन्होंने कोविड का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कोविड के समय कंपनियों की अर्निंग्स को लेकर तस्वीर अनिश्चित दिख रही थी। कंपनियों पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा था। लेकिन, मार्केट 23 मार्च, 2020 को बॉटम बनाने के बाद चढ़ने लगा।
