अमेरिकी स्टॉक मार्केट में 7 अप्रैल को जो हुआ, उसके बारे में शायद ही किसी ने सोचा होगा। एक झूठी खबर ने मार्केट की दिशा बदल दी। बिकवाली की वजह से भारी दबाव में चल रहे अमेरिकी मार्केट्स अचानक चढ़ने लगे। कुछ इनवेस्टर्स को लगा कि मार्केट के 'अच्छे दिन' लौट आए हैं। अब तो फिर से उनके निवेश की वैल्यू आसमान में पहुंच जाएगी। अमेरिकी मार्केट में इस साल आई गिरावट की वजह से निवेशकों को काफी लॉस उठाना पड़ा है। 2025 में अब तक अमेरिकी मार्केट के प्रमुख सूचकांक 10 से 20 फीसदी तक गिरे हैं। ऐसे में झूठी खबर ने इनवेस्टर्स को बड़ी राहत दी। लेकिन, जैसे ही व्हाइट हाउस की तरफ से सफाई पेश की गई, निवेशकों का उत्साह फिर से निराशा में बदल गया।
झूठी खबर में टैरिफ टलने की बात कही गई थी
इस झूठी खबर में यह कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपनी टैरिफ पॉलिसी (Trump Tariff) को 90 दिन के लिए टालने का फैसला लिया है। ट्रंप ने 2 अप्रैल को रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान किया था। कुछ टैरिफ लागू हो चुके हैं तो कुछ 9 अप्रैल से लागू होने जा रहे हैं। चीन के अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ के जवाब में अमेरिका पर 34 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया। इससे 4 अप्रैल को अमेरिकी बाजारों में बड़ी गिरावट आई थी। इसका असर 7 अप्रैल को इंडिया सहित बाकी बाजारों पर पड़ा। बाजार के प्रमुख सूचकांक क्रैश कर गए।
अमेरिका मार्केट ओपन होने के बाद अचानक चढ़ने लगे
भारतीय समय के अनुसार 7 अप्रैल की शाम अमेरिकी मार्केट दबाव में खुले। बाजार में बड़ी बिकवाली देखने को मिली। लेकिन, करीब आधे घंटे बाद मार्केट के प्रमुख सूचकांक टैरिफ 90 दिन के लिए टलने की खबर पर चढ़ने लगे। इस खबर पर किसी ने संदेह नहीं किया। लेकिन, जैसे ही व्हाइट हाउस की तरफ से इस खबर का खंडन आया, बाजार फिर से निराशा में चला गया। बताया जाता है कि सबसे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टैरिफ टलने की खबर पोस्ट की। कुछ ही देर में कई दूसरे यूजर्स ने उस पोस्ट को शेयर कर दिया। फिर यह खबर आग की तरह फैल गई।
कुछ बड़े मीडिया ने भी इस खबर को चलाया
सबसे बड़ा नुकसान तब हुआ जब कुछ बड़े मीडिया ने इस झूठी खबर को अपने प्लेटफॉर्म पर चला दिया। हालांकि, बाद में उन्होंने झूठी खबर चलाने की अपनी गलती मान ली। इस झूठी खबर का अमेरिकी मार्केट पर असर का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि अमेरिकी मार्केट ओपन होने के बाद जो Dow Jones 37,250 पर चल रहा था, वह एक पल में 38,706 प्वाइंट्स पर पहुंच गया। दूसरे प्रमुख सूचकांकों में भी ऐसी ही तेजी दिखी। लेकिन, सच्चाई सामने आते ही सूचकांकों में तेज गिरावट आई।
आधे घंटे में निवेशकों की संपत्ति 2.5 लाख ट्रिलियन बढ़ गई
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिकी बाजार में आधे घंट में निवेशकों के पैसे 2.5 लाख ट्रिलियन डॉलर बढ़ गए। फिर यह पैसा एक पल में स्वाहा हो गया। सवाल है कि क्या ऐसा जानबूझकर किया गया? क्या इसके पीछ कोई साजिश थी? क्या ऐसा मार्केट में फटाफट मुनाफा कमाने के लिए किया गया? इन सवालों के जवाब तो जांच के बाद ही मिल पाएंगे। लेकिन, उन निवेशकों को क्या होगा, जिन्हें इस आर्टिफिशियल तेजी से बड़ा नुकसान हो सकता है? अमेरिकी स्टॉक मार्केट रेगुलेटर Security & Exchange Commission (SEC) को इसकी जांच करनी चाहिए।
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इंडिया में ऐसा हुआ तो क्या होगा?
7 अप्रैल को जैसा अमेरिका में हुआ, वैसा इंडिया में भी हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स को मार्केट में अचानक आनेवाले उतारचढ़ाव से सावधान रहना चाहिए। खासकर अगर किसी खबर से मार्केट में तेजी या गिरावट आ रही है तो उस खबर के स्रोत का पता लगाना जरूरी है। थोड़ी सी असावधानी या चूक आपके बड़े नुकसान की वजह बन सकती है। इसलिए निवेशकों को हर खबर पर आंख मूंदकर भरोसा करने और उसके आधार पर जल्दबाजी में शेयर खरीदने और बेचने से बचना चाहिए।