अपने फंसे हुए शेयरों को एवरेज करने की ना करें गलती, 22,471 के नीचे और फिसल सकता है निफ्टी

बैंक निफ्टी में 49,000-50,000 का रास्ता खुला है, लेकिन बीच-बीच में पिछले हफ्ते जैसी रैलियां होंगी। बैंक निफ्टी में अगर शॉर्ट पहले से हैं तो अलग बात है। इन लेवल्स पर शॉर्ट करने से बचें, थोड़ा ऊपर मिले तो शॉर्ट करें और 53,000-53,500 अब बैंक निफ्टी के लिए बड़ी रुकावट होगी

अपडेटेड Mar 30, 2026 पर 9:34 AM
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Trading plan : आज NSE की मंथली एक्सपायरी है क्योंकि कल छुट्टी है। ईरान युद्ध 5वें हफ्ते में प्रवेश कर गया है। यमन के हूती विद्रोही अब औपचारिक रूप से वेस्ट एशिया संकट में शामिल हो गए हैं।

सीएनबीसी-आवाज, मैनेजिंग एडिटर, अनुज सिंघल

CNBC-आवाज ने लगातार सिर्फ निगेटिव नजरिया रखा है। गुरुवार की रैली में बाहर निकलने का नजरिया लिया गया और ये भी बात हुई कि 22,471 का निचला स्तर वापस टेस्ट होगा। कोई भी बॉटम दोबारा टेस्ट होता है। आज RBI के बड़े फैसले से रुपया में रिकवरी आनी चाहिए। लेकिन कच्चा तेल अभी भी हमारे लिए सबसे बड़ा सिरदर्द है। FIIs ने 2 दिन बिकवाली कम की, शुक्रवार को फिर जोरदार बिकवाली की। FIIs ने शुक्रवार को कैश और फ्यूचर्स को मिलाकर `14,000 Cr से ज्यादा की बिकवाली की। ब्रेंट क्रूड जुलाई 2022 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा। ईरान युद्ध 5वें हफ्ते में पहुंच गया, समाधान के कोई आसार नजर नहीं आ रहे। हूती विद्रोही भी अब इजराइल के खिलाफ युद्ध में शामिल हो गए हैं। जब तेजी की बात होगी तब दिल खोलकर तेजी करेंगे। लेकिन अभी हमारा फोकस सिर्फ पैसा बचाने पर है।

बाज़ार: आज के संकेत


आज NSE की मंथली एक्सपायरी है क्योंकि कल छुट्टी है। ईरान युद्ध 5वें हफ्ते में प्रवेश कर गया है। यमन के हूती विद्रोही अब औपचारिक रूप से वेस्ट एशिया संकट में शामिल हो गए हैं। ब्रेंट ऑयल $115 तक उछल गया। वीकेंड पर हूतियों ने इजराइल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हूतियों के शामिल होने से Bab el-Mandeb दूसरा समुद्री प्रेशर प्वाइंट बन गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाद अब Bab el-Mandeb पर भी सप्लाई का दबाव बढ़ गया है। ईरान में US का युद्ध महीनों नहीं, हफ्तों तक चलेगा। शुक्रवार को US स्टेट सेक्रेटरी मार्को रुबियो । वाशिंगटन पोस्ट ने कहा कि US ईरान में हफ्तों तक ग्राउंड ऑपरेशन्स की तैयारी कर रहा है। वेस्ट एशिया में अतिरिक्त 3500 अमेरिकी सैनिक पहुंच गए हैं।

ईरान संसद स्पीकर का बयान

हमारे जवान US सैनिकों के जमीन पर उतरने का इंतजार कर रहे हैं। US का 5 दिन की pause कूटनीति की शक्ल में पीछे हटने जैसा है। शुक्रवार को S&P 500 इंडेक्स 1.67%, नैस्डैक 2.15% गिरे। 10 साल की US ट्रेजरी यील्ड 4.43% तक पहुंची। युद्ध शुरू होने से अब तक US ट्रेजरी यील्ड में 45 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की। मैक्वेरी ने चेतावनी ने कहा है कि क्रूड के $200 जाने का रिस्क काफी हाई है। अगर क्रूड $200 गया तो निफ्टी के लिए 20,000 बचाना भी मुश्किल होगा। आज RBI के कदम का फॉरेक्स और बैंकों पर असर देखना होगा।

बैंकों की फॉरेक्स पोजिशन पर RBI का कैप

RBI ने घरेलू बाजार में बैंकों के लिए NOP-INR पोजिशन पर $100 मिलियन का कैप लगाया। अलर्ट: NOP-INR का मतलब है बैंकों की ओपन डॉलर-रुपया पोजिशन। RBI ने बैंकों से कहा है कि वो 10 अप्रैल तक अपनी ओपन पोजिशन घटाकर $100 पर लाएं। अमूमन बैंकों को अपनी टियर-1 कैपिटल के 25% तक नेट ओपन पोजिशन की इजाजत होती है। ग्रॉस पोजिशन पर कोई कैप नहीं है।

RBI के फैसले का क्या होगा असर?

आज बैंकों की ओर से पोजिशन अनवाइंडिंग के चलते रुपये में 93/$ की तेज उछाल संभव है। बैंकों की ओर से घरेलू और विदेशी बाजारों में बड़ी पोजिशन अनवाइंडिंग दिखेगी। बैंकर्स ने कहा है कि बैंकों को कुल $40 bn की पोजिशन घटाने की जरूरत पड़ सकती है। बैंकों का घाटा NDF बाजार में रुपये के भाव और और विदेशी दरों के बीच के फर्म पर निर्भर करेगा। ये साफ नहीं है कि अगर मौजूदा तिमाही में घाटा बुक किया जा सकता है या अगली तिमाही में रोल-ओवर हो सकता है।

RBI के कदम पर राय

RBI चाहता है कि रुपये में एकतरफा गिरावट पर लगाम लगे। हाल के दिनों में रुपये की एकतरफा गिरावट से फिक्र बढ़ी। वॉल्यूम के विदेशी बाजारों में शिफ्ट होने का रिस्क रहेगा। SBI जैसे बैंकों में आज दबाव और ज्यादा बढ़ सकता है। आज रुपये में रिकवरी हो सकती है, लेकिन रिस्क बना रहेगा। अंतत: असेट क्लास अपनी असली वैल्यू तलाश ही लेगा।

बाजार: अब क्या हो रणनीति

निफ्टी अब तक अपने हाई से 13.5% नीचे है। बैंक निफ्टी अपने हाई से 15% नीचे है

कोविड के बाद की रैली की ये पहली बड़ी वाली करेक्शन है। पिछली बुल मार्केट में 20-30% गिरना आम बात थी। इस बार नए निवेशकों ने पहली बार ऐसी गिरावट देखी है।निफ्टी अभी भी 22,800 पर है लेकिन लोगों के पोर्टफोलियो 16,000-18,000 पर हैं और अगर खराब शेयरों में फंसे हैं तो पोर्टफोलियो 40-70% भी नीचे हो सकता है। पहली बात ये कि अपने फंसे हुए शेयरों को एवरेज करने की गलती ना करें। अच्छे शेयर भले ही पैनिक में ना बेचें लेकिन खराब शेयरों से बाहर निकलें। अगर हिम्मत है तो यहां से थोड़ा-थोड़ा पैसा निफ्टी ETF में लगाएं, लेकिन ध्यान रहे– आपके लेने के बाद भी निफ्टी गिर सकता है। ट्रेडिंग नजरिया बिलकुल साफ रखें, बड़े ट्रेंड के साथ रहना है। बड़ा ट्रेंड– जहा रैली फेल हो वहां शॉर्ट करना । बैंक निफ्टी में 50,000 टूटने का रिस्क काफी हाई है। महंगाई हमारे लिए एक नया सिरदर्द बनने वाली है। अब रेट कट भूल जाइए, रेट हाइक के लिए तैयार रहिए।

निफ्टी पर रणनीति

शुक्रवार को गैपडाउन में भी बेचने का नजरिया था। किन आज बड़े गैपडाउन में ना बेचें

पहला सपोर्ट 22,550-22,600 (ऑप्शन्स जोन) पर है। सबसे बड़ा सपोर्ट 22,450-22,500 (हाल का निचला स्तर) पर है। निफ्टी में अब 22,471 का हाल का निचला स्तर अकेला सपोर्ट है। अगर 22,471 टूटा तो गिरावट और बढ़ सकती हैरिकवरी में पहला रजिस्टेंस 22,800-22,850 पर है जबकि बड़ा रजिस्टेंस 23,000-23,050 पर है। अगर क्रूड नहीं गिरा तो निफ्टी में 21,000-21,500 का भी खतरा रहेगा।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी में 49,000-50,000 का रास्ता खुला है, लेकिन बीच-बीच में पिछले हफ्ते जैसी रैलियां होंगी। बैंक निफ्टी में अगर शॉर्ट पहले से हैं तो अलग बात है। इन लेवल्स पर शॉर्ट करने से बचें, थोड़ा ऊपर मिले तो शॉर्ट करें और 53,000-53,500 अब बैंक निफ्टी के लिए बड़ी रुकावट होगी।

 

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