Drone Stocks: डिफेंस और खेती में बढ़ रहा ड्रोन का इस्तेमाल, इन दो स्टॉक्स पर रखें नजर
Drone Stocks: भारत में ड्रोन का इस्तेमाल डिफेंस से आगे बढ़कर खेती और जमीन सर्वे तक पहुंच चुका है। सरकार भी ड्रोन सेक्टर को काफी सपोर्ट दे रही है। इसका दो स्टॉक्स को काफी फायदा हो सकता है। जानिए इनके रिजल्ट, ऑर्डर बुक और वैल्यूएशन की पूरी तस्वीर।
Zen Technologies 1996 से रक्षा प्रशिक्षण और काउंटर ड्रोन सॉल्यूशंस डेवलप कर रही है।
Drone Stocks: भारत का ड्रोन सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब यह सिर्फ डिफेंस तक सीमित नहीं रहा। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो के मुताबिक, फरवरी 2026 तक देश में 38,000 से ज्यादा ड्रोन रजिस्टर्ड हो चुके हैं। करीब 40,000 रिमोट पायलट सर्टिफाइड हैं। 240 से अधिक प्रशिक्षण संगठनों को मंजूरी मिल चुकी है। यानी नियम और ढांचा धीरे धीरे मजबूत हो रहा है।
डिफेंस से खेती तक पहुंचा ड्रोन
ड्रोन का इस्तेमाल अब डिफेंस के अलावा जमीनी स्तर पर भी हो रहा है। SVAMITVA योजना के तहत 3.3 लाख गांवों का सर्वे ड्रोन मैपिंग से किया गया है। 31 राज्यों में 1.8 लाख गांवों के लिए 2.8 करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार हुए हैं। कृषि क्षेत्र में महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन दिए गए हैं, जिनसे स्प्रे और फसल निगरानी की जा रही है।
सरकार घरेलू निर्माण को बढ़ावा दे रही है और आयात पर निर्भरता घटाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में ड्रोन से जुड़ी कंपनियां निवेशकों के लिए दिलचस्प बन रही हैं। हालांकि यह सेक्टर अभी शुरुआती चरण में है, इसलिए ग्रोथ के साथ जोखिम भी मौजूद है।
Paras Defence
डिफेंस सेक्टर की Paras Defence and Space Technologies रक्षा और अंतरिक्ष इंजीनियरिंग उत्पादों के डिजाइन और निर्माण में सक्रिय है। कंपनी रक्षा और अंतरिक्ष ऑप्टिक्स, रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, हेवी इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सुरक्षा समाधान जैसे क्षेत्रों में काम करती है। इसने काउंटर ड्रोन और एंटी ड्रोन सिस्टम भी डेवलप किए हैं, जिससे यह ड्रोन डिफेंस इकोसिस्टम का हिस्सा बन गई है।
तिमाही प्रदर्शन
पारस डिफेंस का दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 106 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 24 प्रतिशत बढ़ा। शुद्ध लाभ 21 प्रतिशत बढ़कर 18 करोड़ रुपये हुआ। ऑप्टिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट ने वृद्धि को सहारा दिया।
कंपनी ने Paras Avionics नाम से एक नई सहायक इकाई बनाई है, जो एवियोनिक्स सिस्टम, परीक्षण और मरम्मत जैसे काम करेगी। यह कदम मानव रहित एरियल सिस्टम में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में माना जा रहा है।
पिछले एक साल में कंपनी का शेयर करीब 43 प्रतिशत चढ़ा है। हालांकि यह 43.9 गुना EV/EBITDA पर ट्रेड कर रही है, जो उसके पांच साल के औसत के आसपास है। ROCE लगभग 15.6 प्रतिशत है।
Zen Technologies
Zen Technologies 1996 से रक्षा प्रशिक्षण और काउंटर ड्रोन सॉल्यूशंस डेवलप कर रही है। कंपनी केवल इक्विपमेंट नहीं बेचती, बल्कि ट्रेनिंग और ऑपरेशनल सिस्टम बनाती है। इसके पोर्टफोलियो में एंटी ड्रोन सिस्टम, सिमुलेशन प्लेटफॉर्म और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर समाधान शामिल हैं।
तिमाही प्रदर्शन और ऑर्डर बुक
जेन टेक्नोलॉजीज का रेवेन्यू 16.8 प्रतिशत बढ़कर 177.8 करोड़ रुपये हुआ। शुद्ध लाभ 38 प्रतिशत बढ़कर 54.8 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 46 प्रतिशत से ऊपर रहा, जो हाई वैल्यू वाले प्रोडक्ट्स को दिखाता है।
तिमाही के दौरान 585.5 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले। दिसंबर 2025 तक ऑर्डर बुक 1,082.8 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इनमें से अधिकांश ऑर्डर घरेलू हैं, जो सरकार की स्वदेशीकरण नीति से मेल खाते हैं।
कंपनी ने Anawave Systems में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी भी खरीदी, जिससे नेवल सिमुलेशन और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर में उसकी मौजूदगी बढ़ी। पिछले एक साल में शेयर करीब 21 प्रतिशत बढ़ा है। Zen 26.4 गुना EV/EBITDA पर ट्रेड कर रही है, जो उसके पांच साल के औसत से कम है। इसका ROCE करीब 37 प्रतिशत है, जो कैपिटल एफिशिएंसी को दिखाता है।
वैल्यूएशन और आगे का रास्ता
दोनों कंपनियां रक्षा और ड्रोन के खास सेगमेंट में काम करती हैं। Paras का मॉडल अधिक मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ा है। वहीं, Zen तकनीक और सिमुलेशन पर ज्यादा केंद्रित है। यही वजह है कि दोनों के रिटर्न और वैल्यूएशन में अंतर दिखता है।
रक्षा क्षेत्र में ऑर्डर बुक मजबूत दिख सकती है, लेकिन असली फर्क एग्जीक्यूशन और समय पर डिलीवरी से पड़ता है। आने वाली तिमाहियों में निवेशकों को ऑर्डर इनफ्लो और मार्जिन पर नजर रखनी चाहिए।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।